Chhattisgarh BJP: तीन दिन रायपुर में रहे जेपी नड्डा, बदल दी छत्तीसगढ़ की पूरी टीम, अब दिल्ली से रखेंगे कड़ी नजर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा 9 सितंबर से 12 सितंबर तक रायपुर में थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा की बैठक ली , कार्यकर्ता सम्मलेन में शामिल हुए और आरएसएस की बैठक में भी हिस्सा लिया।
रायपुर, 13 सितंबर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा 9 सितंबर से 12 सितंबर तक रायपुर में थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा की बैठक ली , कार्यकर्ता सम्मलेन में शामिल हुए और आरएसएस की बैठक में भी हिस्सा लिया। लेकिन सबसे अहम बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का पूरा कायाकल्प कर दिया। जगत प्रकाश नड्डा का दौरा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक से जुड़ा होने के कारण भी कई मायनों में ख़ास रहा,क्योंकि इस बार साफ़ दिखाई दिया कि भाजपा और आरएसएस छत्तीसगढ़ को लेकर कितने गंभीर हैं।

बदला गया नेतृत्व ,नड्डा पहुंचे रायपुर
हाल ही में छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बदले गए हैं। नंदकुमार साय के स्थान पर अरुण साव को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कुछ ही दिनों बाद धरमलाल कौशिक के स्थान पर नारायण चंदेल को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया। भाजपा के भीतर हुए इस बड़े बदलाव को वक़्त नहीं बीता था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद रायपुर पहुंच गए और भाजपा के बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। दरअसल जे पी नड्डा यूं ही छत्तीसगढ़ नहीं आये थे।

प्रदेश प्रभारी को भी बदला
जेपी नड्डा ने रायपुर पहुंचे ही सबसे बड़ा बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी को भी बदल डाला। भाजपा कार्यालय से आदेश जारी हुआ कि डी पुरंदेश्वरी के स्थान पर ओम माथुर को छत्तीसगढ़ का नया स्टेट इंचार्ज बनाया जाता है। हालाकिं भाजपा ने कई राज्यों में प्रदेश प्रभारी बदले हैं,लेकिन छत्तीसगढ़ में तो उसपर से नीचे तक पूरी टीम ही बदल दी गई,वह भी तब जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा खुद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में थे।

आरएसएस की बैठक यूं ही नहीं रखीं गई थी
जगत प्रकाश नड्डा ने भाजपा के सारे काम निपटाने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की 3 दिवसीय बैठक में हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि उन्होंने जो भी फैसले लिए उसके पीछे संघ की सोची समझी रणनीति रही होगी। क्योंकि आरएसएस ने बीते दो सालों में छत्तीसगढ़ में अपना आंतरिक सर्वे किया है। बताया जाता है कि इस सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में भाजपा के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सिफारिशें की गई थी। दरअसल आरएसएस की सालाना बैठक का समय और जेपी नड्डा का रायपुर आना इसी मंशा के साथ ही रखा गया है की छत्तीसगढ़ के कार्यकताओं के साथ बैठकर जरूरी बदलावों को अंतिम रूप दिया जा सके।

आखिरी दिन भी होता रहा बदलाव
जेपी नड्डा सोमवार शाम तक रायपुर में ही थे। सोमवार को ही भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई में कई बड़े परिवर्तन कर दिए गए। पार्टी ने प्रदेश में युवा मोर्चा से लेकर मीडिया विभाग के मुखिया बदल दिए। कई नेताओं को प्रदेश स्तरीय पदों पर जगह दी गई,तो कई को किनारे कर दिया गया। भाजपा के इस बदलाव में युवाओं पर विशेष फ़कस किया गया। इसके साथ ही इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि युवाओं को आगे लाकर नड्डा ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि आगामी चुनाव में पार्टी युवाओं को टिकट दें सकती है। बहरहाल जेपी नड्डा अपना काम करके वापस दिल्ली लौट गए हैं,लेकिन अपनी नई टीम से सतत सम्पर्क में रहेंगे।
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