Chhattisgarh Elections: छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान आज, नक्सल प्रभावित इलाकों सहित 20 सीटों पर वोटिंग
Chhattisgarh First Phase Voting: मिजोरम के साथ मंगलवार को छत्तीसगढ़ में भी पहले चरण की वोटिंग होने जा रही है। राज्य की नक्सली प्रभावित इलाकों सहित 20 सीटों पर पहले चरण में तहत सुबह 7 बजे से मतदान होगा।
पहले चरण के तहत बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीट और राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के 8 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इससे पहले रविवार और सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पोलिंग टीम मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुईछ।

इन सीटों पर पहले चरण की वोटिंग
आज पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा क्षेत्रों के अलावा मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा सीटों पर वोटिंग होने जा रही है।
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मतदान प्रक्रिया को दो स्लॉट में विभाजित किया जाएगा। पहला स्लॉट सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा स्लॉट सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा।
पहले चरण के चुनाव में बस्तर और राजनांदगांव से 223 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। लगभग 4,078,681 मतदाता वोट डालेंगे, जिनमें 2,084,675 महिलाएं, 1,993,937 पुरुष और 69 ट्रांसजेंडर लोग शामिल हैं।
नक्सल प्रभावित जिले में मतदान
नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में तीन विधानसभा क्षेत्रों - जगदलपुर, कवर्धा बस्तर और चित्रकोट में उच्च सुरक्षा उपायों के बीच सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।
सुरक्षा के मद्देनजर संभाग के नौ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान के समय को समायोजित किया जाएगा। इन इलाकों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोटिंग होगी।
इन निर्वाचन क्षेत्रों में कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल और कोंटा शामिल हैं। बस्तर के अलावा राजनांदगांव की आठ सीटों पर भी वोटिंग होगी।
600 मतदान केंद्र बनाए गए
चुनाव आयोग ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए हैं। 600 से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और राज्य पुलिस सहित लगभग 60,000 सुरक्षा कर्मियों को बस्तर संभाग के 12 विधानसभा क्षेत्र में तैनात किया गया है।
इससे दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कांकेर और कोंडागांव जिलों में नक्सली गतिविधियों की वास्तविक समय पर निगरानी की जा सकेगी। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी शामिल किया गया है।
नक्सली इलाकों में महिला कमांडो की तैनाती
पहली बार चुनाव के दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में महिला कमांडो को भी तैनात किया जाएगा। वे मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बनाए रखने और क्षेत्र में गश्त करने के लिए जिम्मेदार होंगे। दो साल पहले बस्तर फाइटर स्पेशल फोर्स में भर्ती हुई इन महिला कमांडो ने चुनाव ड्यूटी के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया है। बस्तर संभाग के कुल 35 मतदान केंद्रों की सुरक्षा इन महिला कमांडो द्वारा की जाएगी।












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