Chhattisgarh Assembly Election: बिलासपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा, क्या BJP को यहां से मिलेगी जीत
Bilaspur Vidhan Sabha Seat: कांग्रेस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए 53 प्रत्याशियों की अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें बिलासपुर जिले के सभी 6 विधानसभा प्रत्याशियों की सूची जारी हो चुकी है।
बिलासपुर जिले के कोटा सीट से अटल श्रीवास्तव के नाम पर मोहर लगी है। बिलासपुर से कांग्रेस के मौजूदा विधायक शैलेष पांडे का नाम पक्का माना जा रहा था लेकिन इसबार बेलतरा विजय केशरवानी और कोटा से अटल श्रीवास्तव को पहली बार चुनाव लड़ाया जा रहा है।

वहीं बिल्हा से सियाराम कौशिक, मस्तूरी से दिलीप लहरिया और तखतपुर से रश्मि सिंह पूर्व में भी चुनाव लड़ चुकीं हैं। जिले से दोनों सिटिंग एमएलए शैलेष पांडेय और रश्मि सिंह पर दुबारा भरोसा जताया गया है।
बिलासपुर विधानसभा सीट की बात करें तो इसबार पिछले बार के मुकाबले कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पांडेय और भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल दोनों ही मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे है।
अमर अग्रवाल बिलासपुर से कई बार के विधायक रह चुके हैं और पिछली बार उन्हें शैलेष पांडेय ने शिकस्त दी थी। शैलेष पांडेय ने भाजपा के कद्दावर नेता अमर अग्रवाल को 11221 मतों से पराजित कर पहली बार विधायक बनी थी। चुनाव में शैलेष पांडेय ने 67896 मत हासिल किए थे। वहीं भाजपा के अमर अग्रवाल को 56675 मत मिले थे।
आपको बताते चलें कि अमर अग्रवाल, स्व लखीराम अग्रवाल के पुत्र हैं। जो अविभाजित मध्यप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं। अमर अग्रवाल का जन्म अविभाजित मध्यप्रदेश के रायगढ़ जिले में 22 सितंबर सन् 1963 को खरसिया में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा खरसिया के स्थानीय स्कूल से पूरी करने के बाद उन्होनें रायपुर के दुर्गा काॅलेज से वाणिज्य संकाय में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
इस दौरान वे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा बिलासपुर के जिला अध्यक्ष, भाजपा राष्ट्रीय परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे। 16 फ़रवरी 1985 को उन्होंने वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। श्रीमती शशि अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी हैं। वो एक पुत्र व दो पुत्रियों के पिता हैं।
भारतीय जनत पार्टी ने सन् 1998 में विधानसभा चुनाव के लिए बिलासपुर क्षेत्र से उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में अमर अग्रवालने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद हुए पहले 2003 विधानसभा चुनाव में भी उन्होनें प्रचण्ड बहुमत से जीत दर्ज की थी।
अमर अग्रवाल डॉक्टर रमन सिंह के मंत्रीमण्डल में वित्त, योजना, आर्थिक सांख्यिकी, वाणिज्य कर तथा नगरीय प्रशासन मंत्रालय का दायित्व निभाया। वो 2008 से 2018 तक 4 बार के विधायक रहे। 2018 में भी उन्हें बिलासपुर से टिकट मिला और वो कांग्रेस के शैलेष पांडेय से हार गए।
शैलेष पांडेय को कांग्रेस पार्टी ने इसबार भी मौका दिया है। शैलेष पांडेय पिछले चुनाव में अपनी ही पार्टी से काफी अंतर्विरोध के शिकार हुए थे। उनदिनों शिक्षाविद शैलेष पांडेय कांग्रेस पार्टी के नवोदित सदस्य थे और उन्हें पार्टी में आने के कुछ दिन बाद ही एक बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई वो पार्टी के विश्वास पर खड़ा उतरे और 4 बार के विधायक अमर अग्रवाल को उन्होंने पटखनी दे दी।












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