छत्तीसगढ़: कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को देखते ही भाजपा प्रत्याशी ने छुए पैर, चुनाव जीतने का लिया आशीर्वाद
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित अहिवारा से भाजपा प्रत्याशी सांवला राम डाहरे और कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार चुनावी मैदान में हैं। वैसे तो ये दोनों एक दूसरे के विरोधी दल से ताल्लुक रखते हैं लेकिन शुक्रवार को दोनों नेता आमने-सामने आ गए। इस दौरान भाजपा प्रत्याशी सांवला राम डाहरे ने कांग्रेस प्रत्याशी रुद्र कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बता दें कि रुद्र कुमार और सांवला राम डाहरे दोनों सतनामी समाज से ताल्लुक रखते हैं। रुद्र कुमार सतनामी समाज के गुरु हैं। यही वजह है कि जैसे ही रुद्र कुमार के सामने सांवला राम पहुंचे तो उन्होंने झुक कर उनका आशीर्वाद लिया।

जनता तय करेगी जीत
सांवला राम को आशीर्वाद देने को लेकर जब मीडिया ने रुद्र कुमार से सवाल किया और पूछा कि आपने उन्हें आशीर्वाद दिया तो क्या वो इस चुनाव में जीत हासिल करेंगे। इस बारे में रुद्र कुमार ने कहा कि वो जगतगुरु हैं, इसलिए वो सबको आशीर्वाद देते हैं लेकिन ये लड़ाई लोकतंत्र की लड़ाई है। इसमें जनता को तय करना है कि वो किसे चुनावी जितवाएगी। बता दें कि पिछले दिनों गुरु रुद्र कुमार ने सांवला राम डाहरे के ऊपर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया था। रुद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि सांवला राम की राजमहंत की उपाधी फर्जी है।

दो चरणों में होगा चुनाव
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की पहले चरण में 18 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्रों में 12 नवंबर को वोटिंग संपन्न हुई। वहीं दूसरे चरण में, 72 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।

जमकर हुआ मतदान
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 सीटों पर मतदान सोमवार को संपन्न हो गया। सोमवार को संपन्न हुई वोटिंग में लोगों ने जमकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव संपन्न होने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हुए पहले चरण के चुनाव में करीब 70 फीसदी मतदान हुआ है। इस चरण में नक्सल प्रभावित जिलों बस्तर और राजनांदगांव की सीटों पर मतदान हुआ है। राजनांदगांव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह चुनाव मैदान में हैं और कांग्रेस ने यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को टिकट दिया है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख मुद्दे?
छत्तीसगढ़ के प्रमुख मुद्दे की बात करे तो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की कमी है। परिवहन अभी भी एक बड़ी समस्या है। कई ग्रामीण इलाके अभी भी ठीक से जुड़े नहीं हैं। आईटी और पर्यटन को यहां बड़े विकास की जरूरत है। कम रोजगार अवसरों के कारण नौकरी के अवसर कम हैं। अधिक गरीबी जनजातियों को अभी भी नजरअंदाज कर दिया गया है।












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