भानुप्रतापपुर उपचुनाव: सावित्री मंडावी बनी कांग्रेस प्रत्याशी, ब्रम्हानंद नेताम के साथ होगी कांटे की टक्कर
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से करीब सालभर पहले भानुप्रतापपुर विधानसभा के लिए उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दिवंगत विधायक मनोज मांडवी की पत्नी सावित्री मंडावी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
Bhanupratapur By Election छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से करीब सालभर पहले भानुप्रतापपुर विधानसभा के लिए उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दिवंगत विधायक मनोज मंडावी की पत्नी सावित्री मंडावी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस महामंत्री अमरजीत चावला ने बताया कि मंडावी कल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगी।

पहले से तय था सावित्री मंडावी का नाम, कांग्रेस खेलेगी इमोशनल कार्ड
भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है। यह लगभग शुरू से साफ़ था कि कांग्रेस दिवंगत विधायक मनोज मंडावी की पत्नी सावित्री मंडावी को अपना प्रत्याशी घोषित करेगी। चुनाव की तारीख तय होने बाद ही सावित्री मंडावी ने अपनी शासकीय नौकरी से सेवा मुक्ति का आवेदन दे दिया था ।
दरअसल छत्तीसगढ़ में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर रहे उपचुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। यह सीट कांग्रेस के पास थी,लेकिन अब भाजपा इसे हासिल करने में मेहनत कर रही है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति काफी मंथन के बाद भानुप्रतापपुर से ब्रह्मानंद नेताम को टिकट दिया है।
सावित्री मंडावी कल पर्चा दाखिल करेंगी,इस दौरान उनके साथ सीएम भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम भी रहेंगे। कांग्रेस बकायदा एक विशाल नामांकन रैली निकालकर इसे बड़े इवेंट के तौर पर पेश कर सकती है,हालाकिं यह भी कहा जा रहा है कि विक्रम मंडावी के निधन को ज्यादा वक़्त नहीं बीता है,इसलिए कार्यक्रम सादगी इ साथ होने चाहिए।

आदिवासी आरक्षण का मुद्दा भुनाएगी भाजपा
इधर भाजपा ने ब्रम्हानंद नेताम को अपना प्रत्याशी बनाया है। साल 2008 में भाजपा नेता ब्रम्हानंद नेताम भानुप्रतापपुर से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दिवंगत कांग्रेस विधायक मनोज मंडावी को एक बार पराजित भी किया था। आदिवासी संगठनों में अच्छी पैठ होने के कारण भाजपा ने आदिवासी आरक्षण के मुद्दे भुनाने के लिए नेताम को टिकट दिया है। गौरतलब है कि नेताम समेत 4 नामों का पैनल हाल ही में बीजेपी की केंद्रीय समिति को भेजा था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने बताया कि चुनाव लड़ने के इच्छुक 17 नाम के प्रस्ताव हमे मिले थे, जिनमें से छंटनी करने के बाद अंतिम 5 नामों को दिल्ली भेजा गया था,जिसमे ब्रम्हानंद नेताम को फैला किया गया है।

चुनाव है बेहद खास
भानुप्रतापपुर चुनाव सभी सियासी दलों के लिए बेहद खास बनता जा रहा है। कांग्रेस चुनाव जीतकर यह जताना चाहेगी कि प्रदेश में 4 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी जनता का विश्व उसपर कायम है,तो वही भाजपा चाहेगी कि किसी भी तरह जीत हासिल की जाये,क्योंकि यह उसकी वापसी का संकेत होगा। बहरहाल इस चुनाव में कांग्रेस को दिवंगत विधायक मनोज मंडावी के नाम से सहानुभूति वोट जुटाने की कोशिश करेगी।

5 दिसंबर को होगा मतदान
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर की छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक मनोज कुमार मंडावी की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद खाली पड़ी सीट पर बीते शनिवार को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई थी। भानुप्रतापपुर की जनता अपना अगला विधायक चुनने के लिए 5 दिसम्बर को मतदान करेगी और 8 दिसम्बर को काउंटिग के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
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