चायवाले के बेटे को मिला CM भूपेश बघेल अंकल का आशीर्वाद, 13 महीने का हर्ष जमकर लड़ेगा जिंदगी की जंग

रायपुर एम्स के बाहर एक मां अपने 13 महीने के बच्चे को फुटपंप से सांसे दे रही है। जब इस बात को बयान करता वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ,तो लोग दंग रह गये।

Raipur AIIMS रायपुर एम्स के बाहर एक मां अपने 13 महीने के बच्चे को फुटपंप से सांसे दे रही है। उस मां ने ब्रेन ट्यूमर और कैंसर की बीमारी की चपेट में आने के कारण गले में कफ जमा होने, बच्चे को सांस की तकलीफ आने बाद भी मान ने हार नहीं मानी और बच्चे को जिन्दा रखने के लिए यह तरीका खोज लिया। जब इस बात को बयान करता वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ,तो लोग दंग रह गये। यह जानकारी जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची,तो उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्चे के इलाज के लिए सारे जरुरी कदम उठाने के निर्देश रायपुर कलेक्टर को दे दिए हैं।

चाय बेच रहे हैं पिता ,खाने तक नहीं है पैसे

चाय बेच रहे हैं पिता ,खाने तक नहीं है पैसे

दरअसल कवर्धा के रहने वाले बालक दास डहरे रायपुर एम्स के गेट नंबर 1 के बाहर फुटपाथ को ही अपना घर बनाने के लिए मजबूर हैं,उनकी और उनकी पत्नी की कोशिश बस इतनी है कि उनका 13 महीने का बेटा किसी तरह मौत को मात दे दे। बालक दास और उसकी फुटपाथ पर ठेला लगाकर उसमे चाय बेचते हैं। किसी तरह दो वक़्त की रोटी के लिए 100 या 200 रुपये कमा पाते हैं। इस परिवार की हालत शुरू से ऐसी नहीं थी,दरअसल बच्चे के इलाज और दवा के खर्च के कारण वह कंगाल हो गए।

आधा शरीर नहीं कर रहा रिस्पॉन्ड

आधा शरीर नहीं कर रहा रिस्पॉन्ड

डहरे परिवार एम्स के पास बने गुरूद्वारे में जाकर एक वक़्त का खाना खाते हैं। बीते 5 महीने से सब इसी तरह चल रहा है । पहले सब सामान्य था ,लेकिन बच्चे के बढ़ने के साथ उसकी समस्या भी बढ़ती जा रही है। अब उसके शरीर का आधा भाग काम नहीं कर रहा है और उसे सांस लेने में परशानी आ रही थी। माता पिता ने अपने जिगर के टुकड़े का इलाज कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में करवाया,लेकिन सिर्फ खर्च हुआ,नतीजा वही का वही है। बल्कि इलाज के खर्च ने उन्हें फुटपाथ पर ला पटका है।

फुटपंप बना सहारा,ताकि सांस चलती रहे

फुटपंप बना सहारा,ताकि सांस चलती रहे

बालक दास की पत्नी ने बताया कि वह जो भी कमाते हैं,सभी दवा में खर्च हो जाती है, वह फुटपंप से बच्चे के गले का कफ निकालती हैं,क्योंकि यह है किया,तो बेटा नहीं बचेगा। बच्चे की मां ने बताया कि वह रोज एम्स अस्पताल के भीतर जाकर बच्चे की कीमोथेरेपी करवाती हैं, ताकि वह जीवित रहे। दरअसल बच्चे के गले में सर्जिकल छेद किया गया है ,जिससे उसकी मां फुटपंप माध्यम से कफ निकालती है। ऐसी स्थिति में जीवन बचाने के लिए कुछ विशेष मशीनें आती हैं,जिन्हे खरीदना डहरे परिवार की पहुंच से बाहर है, इसलिए उसकी मां हवा भरने वाले पंप से ज़िंदा रहने के लिए कुछ सांसें देने का प्रयास करती है।

सीएम भूपेश के निर्देश के बाद मिलेगी मदद

सीएम भूपेश के निर्देश के बाद मिलेगी मदद

इधर मुख्यमंत्री बघेल को जब यह जानकारी मिली,तो उन्होंने तत्काल डहरे परिवार की मदद करने के निर्देश रायपुर जिला प्रशासन को दिए है। रायपुर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे को परिवार की हर सम्भव मदद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं । इसके बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी और नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी बच्चे के पिता बालकराम डहरे से पूरे मामले की जानकारी ली,जिसके बाद हर सम्भव मदद देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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