बेमेतरा: स्कूली बच्चों की अचानक बिगड़ी तबीयत, 9 बच्चे अस्पताल में भर्ती, शिक्षकों ने खिलाई थी यह दवाई
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में अचानक स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी जिससे स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी मासूमों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
बेमेतरा, 22 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में अचानक स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी जिससे स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी मासूमों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बेमेतरा जिले के अंधियारखोर गांव में आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा फाइलेरिया से बचने दी गई डीईसी दवा खाने से प्राथमिक स्कूल के बच्चों की तबियत बिगड़ गई।

बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत
दरअसल बेमेतरा जिले के ग्राम अंधियारखोर के प्राथमिक शाला के कक्षा दूसरी और पांचवीं में पड़ने वाले बच्चें स्कूल टीचर से उल्टी और दस्त के साथ पेट दर्द की शिकायत करने पहुंचे। जिसके बार शिक्षकों ने आनन फानन में सभी मासूमों को सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र में भर्ती कराया, शिक्षकों ने डॉक्टरों को बताया कि बच्चों ने आंगनबाड़ी सहायिका के माध्यम से दी गई कृमिनाशक दवाई खाई थी। जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ी।

संसदीय सचिव, पूर्व मंत्री पहुंचे अस्पताल
इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव सहित आसपास के इलाके में लोग स्कूल पहुंचने लगे। इसी बीच संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे भी समादायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना, उन्होंने डॉक्टरों को सभी बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके साथ ही पूर्व मंत्री दयालदास बघेल भी पहुचे और अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों से मुलाकात की। इस घटना में प्रशासन की लापरवाही को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल ने दवाई वितरण को लेकर जांच की मांग की।

कृमि नाशक दवाई से बिगड़ी तबियत
दरअसल 22 से 28 अगस्त तक जिले में लोगों को फाइलेरिया( MicroFilaria) से बचाने विश्व फाइलेरिया दिवस (World Filaria Day)के मौके पर डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा का वितरण किया जा रहा है, जिसके तहत 2 से 5 वर्ष के बच्चों को एक गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को दो गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को तीन गोली दी जा रही है। इस दवाई का वितरण आंगनबाड़ी सहायिकाओं के माध्यम से स्कूल के शिक्षकों को की गई है। शिक्षकों ने बच्चों को इसका वितरण किया है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी करेंगे जांच
अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग किस स्तर पर जांच करता है। लेकिन फिलहाल पूर्व मंत्री दयालदास बघेल ने दवाई वितरण को लेकर जांच की मांग की है, कि आखिरकार कृमि नाशक दवाई खाकर किस तरह से स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें बच्चों के स्वास्थ पर नजर बनाए रखने के लिए डॉक्टरों को निर्देशित किया।












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