MP News: एमपी में एक ही चिता पर दंपत्ति का अंतिम संस्कार, पति की मौत के बाद पत्नी ने भी त्यागे प्राण
Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में पति-पत्नी का अटूट प्रेम देखने को मिला। यहां पति की मौत के वियोग में पत्नी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। जिसके बाद दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। वहीं, इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
नौगांव थाना क्षेत्र के भदेसर गांव से निकल कर सामने आया है। यहां रहने वाले 85 वर्षीय ततुरा राजपूत की मौत के कुछ ही मिनटों बाद पत्नी जमनी बाई ने अपने प्राण त्याग दिए।

भदेसर गांव में रहने वाले 85 साल के ततुरा राजपूत ने सोमवार की दोपहर अपने जीवन की अंतिम सांस ली है। जमनी बाई जो पैरों से दिव्यांग थीं, बैसाखी के सहारे अपने पति के पास पहुंची और जगाने की कोशिश करने लगी। काफी समय तक जागने के बाद जमनी बाई को इस बात का अहसास हो गया की उनके पति अब इस दुनिया ने नहीं रहे।
इससे पहले कि जमनी बाई संभल पाती, वह जमीन पर गिर गईं। परिवार के लोग जमनी बाई को उठाने पहुंचे तब तक अपने प्राण त्याग चुकी थी।
परिवार के सदस्य जोधन सिंह राजपूत के अनुसार जमनी बाई जब जीवित थी तब वह अपने बच्चों से कहा करती थीं कि मुझे अपने पति के साथ सती होना है। अगर भगवान ने मुझे नहीं बुलाया तो तुम लोग मुझे मेरे पति के साथ सती कर देना। गांव के लोगों के अलावा जितने लोगों ने भी इस घटना को सुना सब हैरान रह गए।
गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सैकड़ों वर्ष पूर्व हुआ करती थी जब सती प्रथा का चलन था या महिलाएं अपने आप ही अपने पति के वियोग में प्राण त्याग दिया करती थीं। यह मामला अपने आप में अद्वितीय है।
बुजर्ग पति पत्नी के एक प्राण निकलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी शव यात्रा एक साथ निकाली। बड़ी संख्या में गांव के लोगों के अलावा आसपास गांव के लोग भी शव यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद मोक्षधाम में एक ही चिता पर पति-पत्नी के शव जलाए गए जिसे देख लोगों की आंखे नम हो उठी।












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