Adani Bribe Row: क्या इस बार बच पाएंगे गौतम अडानी, लटक रही गिरफ्तारी की तलवार

Adani Bribe Row: अडानी ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका में भ्रष्टाचार के चलते केस दर्ज किया गया है और उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है। अडानी पर आरोप है कि उन्होंने भारत में भ्रष्टाचार किया और अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर यानि तकरीबन 2000 करोड़ रुपए की घूस दी है।

इस खबर के सामने आने के बाद से ही भारत में सियासी पारा बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तो खुलकर अडानी के खिलाफ बयान दिया और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।

Gautam Adani

हिंडनबर्ग भी खड़ा कर चुका है दिक्कत

बता दें कि इससे पहले भी अडानी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ी थी जब हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमे आरोप लगाया गया था कि अडानी ग्रुप के अपने शेयर्स की वैल्युएशन गलत तरीके से करता है।

अडानी ग्रुप कई सारे गलत काम कर रहा है। लेकिन इन आरोपों के बाद भी अडानी ग्रुप के शेयर गिरे नहीं थे। जिसके बाद लोगों को लगने लगा था कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट गलत थी।

हिंडनबर्ग संकट से उबरे थे अडानी

हालांकि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयर में कुछ समय के लिए गिरावट आई थी और इसके बाद बहुत ही तेजी से कंपनी के शेयर्स रिकवर कर गए थे। लेकिन इस बार मामला कुछ उलट है। अडानी ग्रुप के चार शेयर में गुरुवार को लोवर सर्किट लगा और तमाम कंपनियों के शेयर 10-20 फीसदी तक गिर गए।

बाइडेन प्रशासन के साथ खटास

दरअसल अमेरिका में अडानी ग्रुप के खिलाफ सुनवाई शुरू होगी, ऐसे में आने वाले समय में यह तय होगा कि अडानी ग्रुप के खिलाफ केस किस ओर जाता है। गौतम अडानी की बात करें तो अमेरिका के साथ उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन मौजूदा मौजूदा जो बाइडेन सरकार के साथ इनके संबंध कुछ अच्छे नहीं है।

ट्रंप की खुलकर की थी तारीफ

दिलचस्प बात है कि डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की थी। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जीत की बधाई कई ट्वीट के जरिए दी थी।

ध्यान देने वाली बात है कि बहुत ही कम उद्योगपति हैं जो इस तरह से खुलकर किसी राष्ट्रपति को जीत की बधाई देते हैं। इसकी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में अडानी ग्रुप को बिजनेस में उतनी दिक्कतें नहीं आएंगी जितनी बाइडेन प्रशासन में आ रही थी।

डोनाल्ड ट्रंप के करीबी

एक अहम बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप खुद भी उद्योगपति हैं, उनपर भी कई आरोप लगे, लेकिन अब उनके खिलाफ चल रहे तमाम केस ठंडे बस्ते में चले गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के पास इतनी ताकत है कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर सकते हैं और खुद को माफ भी कर सकते हैं।

जो बाइडेन प्रशासन में जो अधिकारी हैं, उन्होंने ही गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका की कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के आने के बाद भी यह तमाम आरोप सिरे से खारिज हो पाना आसान नहीं होगा।

लिहाजा यह मसला गौतम अडानी के लिए आने वाले समय में भी आसान नहीं होने वाला है। गौतम अडानी के वकीलों को अमेरिका की कोर्ट में यह साबित करना होगा गौतम अडानी निर्दोष हैं और उनके खिलाफ लगे सभी आरोप निराधार हैं।

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