Budget 2026: 28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र,1 फरवरी को खुलेगा वित्त मंत्री का पिटारा, क्या है इस पूरा शेड्यूल?
Union Budget 2026: भारत के आर्थिक भविष्य का खाका खींचने वाला केंद्रीय बजट 2026 अब बस कुछ ही दिन दूर है। हर साल की तरह इस बार भी नौकरीपेशा वर्ग, किसानों और उद्योग जगत की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे पर टिकी हैं। यह बजट इसलिए भी ऐतिहासिक होने जा रहा है क्योंकि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर देश के महानतम नेताओं की सूची में शामिल हो जाएंगी।
1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश होने वाले इस बजट में टैक्स स्लैब में बदलाव, नई विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर बड़े ऐलान होने की उम्मीद है। मोदी सरकार 3.0 का यह दूसरा पूर्ण बजट देश की विकास दर को नई गति देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। बजट पेश होने से ठीक पहले आने वाला आर्थिक सर्वे (Economic Survey) भी अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दुनिया के सामने रखेगा।

Union Budget: कौन पेश करेगा बजट 2026?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां बजट भाषण पढ़ेंगी। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बार बजट पेश करने के सर्वकालिक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण सत्र के लिए पूरा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण से लेकर सत्र के समापन तक का ब्योरा शामिल है।
क्या होता है यूनियन बजट और इसकी अहमियत?
यूनियन बजट एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए सरकार की अनुमानित आय और खर्च का विस्तृत वार्षिक वित्तीय विवरण होता है।
आय का स्रोत: सरकार को टैक्स (Direct & Indirect) और अन्य माध्यमों से कितनी कमाई होगी।
खर्च की दिशा: शिक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य, और रेलवे जैसे क्षेत्रों पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा।
नीतिगत घोषणाएं: नई योजनाओं की शुरुआत और पुराने कानूनों में आर्थिक सुधारों का प्रस्ताव।
बजट सत्र 2026 का पूरा शेड्यूल (Key Dates)
बजट केवल एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक लंबे सत्र का हिस्सा है। यहाँ सत्र की सबसे महत्वपूर्ण तारीखें दी गई हैं:
| तारीख | कार्यक्रम (Event) | |
|---|---|---|
| 1 | 28 जनवरी | बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दोनों सदनों को संबोधन |
| 2 | 29 जनवरी | लोकसभा की नियमित बैठक |
| 3 | 31 जनवरी | संसद में आर्थिक सर्वे (Economic Survey) पेश किया जाएगा |
| 4 | 1 फरवरी | सुबह 11 बजे वित्त मंत्री द्वारा बजट 2026 पेश होगा |
| 5 | 13 फरवरी | बजट सत्र के पहले चरण का समापन |
| 6 | 9 मार्च | बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत |
| 7 | 2 अप्रैल | बजट सत्र का आधिकारिक आखिरी दिन |
आर्थिक सर्वे (Economic Survey) क्यों है खास?
बजट से ठीक एक दिन पहले, यानी 31 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा तैयार किया गया 'आर्थिक सर्वे' पेश किया जाएगा।
- यह पिछले एक साल में देश की जीडीपी (GDP) और अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड होता है।
- इसमें महंगाई, बेरोजगारी और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है।
- यह सर्वे सरकार को भविष्य की चुनौतियों से निपटने और बजट की दिशा तय करने में मदद करता है।
क्या हैं इस बजट से आम लोगों की उम्मीदें?
चूंकि यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट है, इसलिए मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स (Income Tax) में छूट की सीमा बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए नए प्रोत्साहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावना जताई जा रही है।












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