Housing Sector Budget: ग्रामीण-शहरी दोनों आवास पर सरकार का ध्यान, PMAY के तहत होगा 3 करोड़ नए घरों का निर्माण
Housing Sector Budget in Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में कई अहम ऐलान किए गए हैं उन्हीं में से एक है शहरी आवास के लिए 2.2 लाख करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण निवेश की घोषणा शामिल है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य 10 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करना है। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत अतिरिक्त 3 करोड़ घरों के प्रावधान शामिल करके इसका विस्तार करने की योजना की भी घोषणा की।

पीएमएवाई का विस्तार
जून 2015 में शुरू की गई पीएमएवाई का उद्देश्य सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को जरुरी सुविधाओं के साथ पक्के घर उपलब्ध कराना है। वित्त मंत्री ने 23 जुलाई को अपने केंद्रीय बजट भाषण में इस विस्तार को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
फरवरी के अंतरिम बजट में पीएमएवाई के लिए 80,671 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले अनुमानों में 54,103 करोड़ रुपये से अधिक है। यह विस्तार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करने के लिए जरुरी है, जिससे पिछले दशक में 4.21 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो सका है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए पीएम आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त घरों की घोषणा बजट 2024 का एक जरुरी हिस्सा है। इस पहल के बारे में जरुरी जानकारी यहां दी गई है:
पीएमएवाई एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य सभी पात्र लाभार्थियों को किफायती आवास प्रदान करना है। यह योजना दो पार्ट्स में विभाजित है:
पीएमएवाई-ग्रामीण (ग्रामीण): ग्रामीण आबादी के लिए
पीएमएवाई-शहरी: इसका लक्ष्य शहरी आबादी है
बजट 2024 में प्रमुख घोषणाएं:
अतिरिक्त मकान: बजट 2024 में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए पीएम आवास योजना के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त मकानों का प्रावधान शामिल है।
बजट आवंटन: इन अतिरिक्त घरों के निर्माण में सहायता के लिए आवश्यक वित्तीय आवंटन किए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजना पर्याप्त रूप से वित्त पोषित है और अपने लक्ष्य हासिल कर सकती है।
समावेशिता पर ध्यान: इस योजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय समूहों (एलआईजी) और मध्यम आय समूहों (एमआईजी) सहित सभी के लिए आवास प्रदान करना है।
प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता: घरों की गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ और आधुनिक निर्माण तकनीकों के उपयोग पर जोर।
सब्सिडी और प्रोत्साहन: आवास को और अधिक किफायती बनाने के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) के तहत आवास ऋण के लिए ब्याज दरों पर सब्सिडी का प्रावधान जारी रखा गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
गीतांजलि होमस्टेट के संस्थापक सुनील सिसोदिया जैसे विशेषज्ञों ने इस पहल के महत्व पर जोर दिया है। सिसोदिया ने कहा कि यह किफायती आवास क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए जरुरी है, जो भारत में सतत शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस पर्याप्त निवेश और विस्तार से शहरी आवास अवसंरचना पर काफी असर पड़ने की उम्मीद है, जिससे पूरे भारत में लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।












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