ऐसे 7 ट्रांजेक्शन, जिनके बारे में बिना आपके बताए ही पता चलता है आयकर विभाग को
सरकार चाहती है कि लोग अपनी सही आय दिखाएं और उस पर टैक्स भी दें। इस पर लोग अमल करें, इस मकसद से सरकार ने कुछ नियम भी बनाए हैं, ताकि लोगों की ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जा सके।
नई दिल्ली। सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने की दिशी में कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार चाहती है कि लोग अपनी सही आय दिखाएं और उस पर टैक्स भी दें। इस पर लोग अमल करें, इस मकसद से सरकार ने कुछ नियम भी बनाए हैं, ताकि लोगों की ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जा सके। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसी ट्राजेक्शन के बारे में, जिसकी जानकारी सरकार को बिना बताए ही हो जाती है।

1- बैंक में 10 लाख से अधिक जमा करने पर
अगर किसी वित्त वर्ष में आप एक या फिर एक से अधिक बैंक खातों में कुल 10 लाख रुपए जमा करते हैं तो फिर इसकी जानकारी बैंक आयकर विभाग को दे देता है। वहीं आयकर विभाग आपसे यह पूछ सकता है कि आपके पास यह पैसे किस स्रोत से आए हैं। ऐसे में अगर आपको आयकर रिटर्न भरते समय सही आय दिखाना बहुत जरूरी है। कम आय दिखाने की स्थिति में आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। ये भी पढ़ें- ये रहे एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के अनलिमिटेड कॉलिंग के ऑफर, रिलायंस जियो को दे रहे कड़ी टक्कर

2- एक लाख रुपए का क्रेडिट कार्ड बिल
अगर आप एक लाख रुपए से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान कैश में करते हैं तो बैंक इसकी जानकारी भी आयकर विभाग को भेजता है। वहीं दूसरी ओर किसी वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए या इससे अधिक के क्रेडिट कार्ड ड्यू सेटल करने की जानकारी भी बैंक भी आयकर विभाग को भेजता है, भले ही वह भुगतान कैश में न करके चेक से या ऑनलाइन की गई हो।

3- 2.5 लाख रुपए जमा करने पर
अगर आप किसी बैंक खाते में 2.5 लाख रुपए या उससे अधिक जमा करते हैं तो बैंक आपकी इस ट्रांजैक्शन की जानकारी आयकर विभाग को देगा। यह नियम नोटबंदी के बाद सरकार ने बनाया था ताकि कालेधन का पता लगाया जा सके। अगर आपने यह पैसे नोटबंदी यानी 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच पुराने नोटों में जमा की है तो आपसे इसका स्रोत आयकर विभाग की तरफ से पूछा जा सकता है। ये भी पढ़ें- आधार कार्ड को लेकर सरकार का अहम आदेश, जरूर पढ़ें

4- चालू खाते में 12.5 लाख रुपए
अगर आप अपने चालू खाते में 12.5 लाख रुपए या उससे अधिक कैश जमा कराते हैं तो भी बैंक इस ट्रांजैक्शन की जानकारी आयकर विभाग को देता है। यह नियम भी नोटबंदी की घोषणा के बाद बनाया गया था। इस नियम को लागू किए जाने के पीछे का मकसद यह था कि आयकर विभाग को हर बड़ी ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी मिले और किसी भी तरह की दिक्कत होने की स्थिति में आयकर विभाग जरूरी कदम उठा सके।

5- 10 लाख का बॉन्ड, डिबेंचर या म्यूचुअल फंड खरीदने पर
अगर आप 10 लाख उससे अधिक का बॉन्ड, डिबेंचर या म्यूचुअल फंड खरीदते हैं तो कंपनी या संस्थान इसकी जानकारी आयकर विभाग को देगा। अगर आयकर विभाग को इस ट्रांजेक्शन में कुछ संदेह वाली बात लगती है तो वह आपसे यह पूछ सकता है कि बॉन्ड, डिबेंचर या म्यूचुअल फंड खरीदने के लिए जुटाई गई रकम का स्रोत क्या है।

घर, जमीन और विदेशी मुद्रा
6- 30 लाख का घर या जमीन- अगर आप 30 लाख रुपए का घर या जमीन खरीदते हैं तो रजिस्ट्रार इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है।
7- 10 लाख की विदेशी मुद्रा- अगर आप 10 लाख रुपए या उससे अधिक की विदेशी मुद्रा खरीदते हैं तो विदेशी मुद्रा बेचने वाले को खरीददार के बारे में आयकर विभाग को जानकारी देनी होती है।












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