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मुनाफे के उलट तीसरी तिमाही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 4,876 करोड़ का नुकसान

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    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को अप्रैल-जून तिमाही में जबरदस्त नुकसान हुआ है। मुनाफे के उलट बैंक को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अप्रैल-जून तिमाही में एसबीआई को 4,875.85 करोड़ रुपे का घाटा हुआ है। हैरानी की बात है क एसबीआई को जून तिमाही में 242 करोड़ रुपए मुनाफे की संभावना जताई गई थी, लेकिन अनुमान से उलट लगातार तीसरी तिमाही में बैंक को नुकसान हुआ है। अप्रैल-जून के दौरान एसबीआई को 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 58,813.18 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल ये 54,905.40 करोड़ था।

    SBI

    रिपोर्ट के मुताबिक जून तिमाही में एसबीआई को 19,228.26 करोड़ रुपए की प्रविजनिंग रही, जो कि मार्च तिमाही में 28,096.07 करोड़ थी। वहीं बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट्स घटकर कुल लोन का 10.69 प्रतिशत पर आ गया। वहीं नेट नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेटे्स घटकर 5.29 प्रतिशत रहा।

    एसबीआई को पिछले साल आखिरी तिमाही में 7,718.17 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। वहीं साल 2017 की पहली तिमाही में जनवरी-मार्च 2017 के दौरान बैंक को 2,005.53 करोड़ का मुनाफा हुआ था, लेकिन साल 2017 की दिसंबर तिमाही में बैंक को 2,416.40 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ।

    जार आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2016-17 में 21 बैकों ने मुनाफा कमाया था, लेकिन साल 2017-18 में उन्हें 85,370 करोड़ रुपये का एकीकृत नुकसान हुआ है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में सार्वजनिक बैंकों ने 81,683 करोड़ रुपए के NPA को बट्टे खाते में डाला। रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार 2017-18 में केवल एसबीआई ने ही 40,196 करोड़ रुपये मूल्य के फंसे कर्ज को बट्टे खाते में डाला।

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    English summary
    State Bank of India reported a bigger-than-expected quarterly loss, as the country’s biggest lender by assets made higher provisions for treasury losses.

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