Start Up India: शुरू कर रहे हैं नया बिजनेस तो कराएं DPIIT रजिस्ट्रेशन, सरकार दे रही है तमाम फायदे
Start Up India: भारत सरकार की स्टार्टअप योजना का फायदा उठाने के लिए आपको DPIIT में जरूर रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। जानिए क्या है इसके फायदे और कैसे करें आवेदन

Start Up India DPIIT: हर कोई आज के दौर में अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहता है। नौकरी के बंधन से हर कोई बाहर निकलना चाहता है और खुद को ना सिर्फ आत्मनिर्भर करना चाहता है बल्कि और लोगों को रोजगार मुहैया कराना चाहते हैं। ऐसे में अगर आप भी खुद से अपना कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो निसंदेह एक अच्छी शुरुआत है। भारत सरकार ने भी नए बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया जैसी योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत सरकार की ओर से नए उद्यमियों को कई तरह की मदद मुहैया कराई जा रही है। आज हम आपको इसी योजना के तहत मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी देंगे। कैसे आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं, इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी देंगे।
नहीं लगाने पड़ते हैं दफ्तरों के चक्कर
स्टार्टअप इंडिया योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको भारत सरकार की DPIIT में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। डीपीआईआईटी की बात करें तो यह डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड है। इस विभाग का मुख्य काम देश में व्यापार को बढ़ावा देना है। अगर आपने अपने बिजनेस को DPIIT में रजिस्टर कराया है तो आपको सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपको बहुत सारे मामलों में आप खुद से ही सेल्फ सर्टिफिकेशन कर सकते हैं, आपके पास Self Certification authority मिल जाती है। यानि आप कई सारे कागजों पर आप खुद से साइन कर सकते हैं, इसके लिए आपको किसी अधिकारी या विभाग के पास नहीं भागना पड़ता है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि स्टार्टअप अपने शुरुआती दौर में अपने बिजनेस पर ध्यान दें ना कि सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर में पड़े।
इन कानूनों से मिलती है छूट
इसका दूसरे फायदे की बात करें तो 6 लेबर लॉ और 3 पर्यावरण कानूनों से छूट मिलती है। यानि अगर आपको 6 श्रम कानून से छूट मिली है और 3 पर्यावरण कानूनों से छूट मिली है तो इससे संबंधित 5 साल तक आपकी कंपनी में कोई जांच नहीं होगी। हालांकि अगर कोई गंभीर शिकायत आपके खिलाफ मिलती है तो जांच हो सकती है। ईपीएफ, ग्रैच्युटी, कॉन्ट्रैक्ट लेबर आदि में आपको राहत मिल जाती है।
तीन साल तक कर से छूट
जिन स्टार्टअप के पास DPIIT का रजिस्ट्रेशन होता है, उनको लगातार तीन साल तक कर में छूट मिलती है। इसी के साथ जो भी आपके बिजनेस में निवेश करना चाहता है उसे भी काफी लाभ मिलता है। लिहाजा अगर आपके पास DPIIT का रजिस्ट्रेशन है तो निवेशक आपके बिजनेस में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाएंगे। अगर किसी भी वजह से आपको अपना बिजनेस बंद करना पड़ता है तो इसे बंद करने की प्रक्रिया भी काफी आसान होती है।
जेम पोर्टल-सरकारी डील में मदद
इस रजिस्ट्रेशन का लाभ उस स्थिति में भी आपको मिलता है अगर आप अपने उत्पाद या सेवा को सरकारी दफ्तर में संस्थान में बेचना चाहते हैं। आपके स्टार्ट अप के पास DPIIT होने की स्थिति में आपको सिक्योरिटी मनी नहीं देनी होती है। जेम पर भी आपको इसका लाभ मिलता है। अगर आप जेम पोर्टल पर सर्विस या उत्पाद बेचते हैं तो भी इस DPIIT रजिस्ट्रेशन का आपको लाभ मिलता है।
100 करोड़ से अधिक ना हो टर्नओवर
DPIIT के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपकी कंपनी का भारत में पार्टनर्शिप, एलएलपी, प्राइवेट लिमिटेड होना जरूरी है। यानि अगर आप प्रोपराइटरशिप कंपनी हैं या फिर देश से बाहर आपकी कंपनी है तो आपको यह रजिस्ट्रेशन नहीं मिल सकता है। इसके अलावा 100 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर होने पर DPIIT रजिस्ट्रेशन नहीं मिल सकता है। यह रजिस्ट्रेशन सिर्फ नई और मूल रुप से बनाई गई कंपनी के लिए ही होता है।
किन्हें मिलता है यह सर्टिफिकेट
DPIIT जब भी किसी को रजिस्ट्रेशन मुहैया कराता है तो वह यह देखता है कि क्या कंपनी कुछ नया शुरू करने जा रही है, किसी नए तरह के उत्पाद, सेवा आदि को शुरू कर रही है। इसके साथ ही क्या आपके बिजनेस से रोजगार का सृजन होने जा रहा है, बड़ा राजस्व खड़ा होने जा रहा है। इन चीजों को ध्यान में रखते हुए ही DPIIT आपको सर्टिफिकेट मुहैया कराता है। ऐसे में नए तरह के बिजनेस आइडिया को DPIIT पहचान देता है और उन्हें रजिस्ट्रेशन देता है।
आखिर कैसे करें आवेदन
DPIIT रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको www.startupindia.gov.in पर लॉगिन करना है। यहां पर अपने स्टार्टअप को रजिस्टर करना होगा। इसके बाद आपको DPIIT रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करके जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करना है, डायरेक्टर की जानकारी देनी होगी। साथ ही अपने बिजनेस के बारे में जानकारी की विस्तृत जानकारी देनी होगी कि आखिर क्यों आपको यह सर्टिफिकेट दिया जाए। यह पत्र आपके लिए काफी अहम है, लिहाजा इसपर आपको अच्छे से काम करना चाहिए और अपने बिजनेस को अच्छे से समझाते हुए तैयार करना चाहिए। आवेदन करने के बाद DPIIT आपके आवदेन की समीक्षा करेगा। आपका आवेदन स्वीकार हो गया तो आपका DPIIT में रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और अगर रिजेक्ट होता है तो आपको विभाग की ओर से इसकी जानकारी दी जाएगी कि क्यों आपका आवेदन रद्द हुआ। यहां गौर करने वाली बात है कि कभी भी अपने बिजनेस के बारे में गलत जानकारी ना दें, अन्यथा आपका रजिस्ट्रेशन बाद में वापस भी लिया जा सकता है।
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