जल्द ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी मिलेगी दोगुनी कर मुक्त ग्रेच्युटी
केन्द्र ने यह फैसला किया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि को दोगुना करते हुए सरकारी कर्मचारियों के बराबर किया जाए। इसके लिए कानून को बदलने पर सहमति बनी है।
नई दिल्ली। अगर आप भी प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और केन्द्रीय कर्मचारियों जैसी सुविधा पाना चाहते हैं, तो आपको एक खास सुविधा मिलने वाली है। जल्द ही प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी भी 20 लाख रुपए तक कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र होंगे। केन्द्र ने यह फैसला किया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि को दोगुना करते हुए सरकारी कर्मचारियों के बराबर किया जाए। आपको बता दें कि अभी तक प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी 10 लाख रुपए तक कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र हैं, जबकि सरकारी कर्मचारियों को यह फायदा 20 लाख रुपए तक पर मिलता है।

श्रम मंत्रालय, ट्रेड यूनियन और कर्मचारियों के संगठन ने गुरुवार को हुई एक त्रिपक्षीय मीटिंग में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख किए जाने पर सहमति बनी है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन करने के लिए संसद में बजट सत्र के दूसरे भाग में एक बिल पेश किया जाएगा। यह कदम सातवें वेतन आयोग की उस सिफारिश के बाद उठाया गया है, जिसमें केन्द्रीय कर्मचारियों को 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी को कर मुक्त किए जाने की बात कही गई थी। ये भी पढ़ें- 251 रुपये में स्मार्टफोन देने का वादा करने वाली कंपनी का एमडी मोहित गोयल गिरफ्तार
मीटिंग में श्रम मंत्री ने यह भी कहा कि लाए जाने वाले बिल में यह भी व्यवस्था होगी कि जब-जब वेतन आयोग की तरफ से केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी को लेकर कोई बदलाव होगा, तो वह प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी मान्य होगा। आपको बता दें कि किसी भी व्यक्ति को ग्रेच्युटी 5 साल तक लगातार किसी कंपनी में काम करने के बाद मिलती है, जबकि लेबर यूनियन ने मांग की है कि इस सीमा को घटाकर 1 साल किया जाए। साथ ही यह कानून ऐसे प्रतिष्ठानों में लागू होता है जहां कर्मचारियों की संख्या कम से कम 10 हो।












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