Silver Rate Today: चांदी अब भी रिकॉर्ड हाई से ₹1.80 लाख मिल रही सस्ती! मई महीने के पहले दिन ये है सिल्वर रेट
Silver Rate Today 1 May 2026: मई महीने की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों को लेकर फिर हलचल तेज हो गई है। 1 मई 2026 को देशभर में निवेशकों और खरीददारों की नजर सिल्वर रेट पर बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब चांदी लगातार नीचे के स्तर पर कारोबार कर रही है। यही वजह है कि बाजार में सबसे ज्यादा सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है।
ईरान संकट, वैश्विक तनाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर चांदी की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले तीन महीनों में चांदी में भारी गिरावट दर्ज हुई है और अब यह अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से करीब ₹1.80 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।

मई महीने के पहले दिन चांदी का क्या है भाव?
1 मई 2026 को अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत घटकर ₹2,42,700 प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव हल्की तेजी के साथ ₹2,38,790 प्रति किलो पर कारोबार करता नजर आया। पिछले कारोबारी दिन यह ₹2,38,617 प्रति किलो पर बंद हुई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, दिल्ली में चांदी की ताजा कीमत ₹2,42,700 प्रति किलो (टैक्स सहित) है।
बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के चलते चांदी की चाल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि, गिरावट के बाद निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।
तीन महीने में 42% क्रैश हुई चांदी: क्या है वजह?
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन महीनों में चांदी ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। 29 जनवरी 2026 को जिस चांदी ने ₹4,24,316 प्रति किलो का ऐतिहासिक शिखर छुआ था, वह आज लगभग ₹1.80 लाख प्रति किलो तक सस्ती मिल रही है। जानकारों का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आए बदलावों ने कीमतों को पहले आसमान पर पहुँचाया था, लेकिन अब बाजार में भारी करेक्शन देखा जा रहा है।
Silver Price In India: 1 मई 2026 को देश के बड़े शहरों में चांदी का ताजा रेट
| शहर | 10 ग्राम चांदी का भाव | 100 ग्राम चांदी का भाव | 1 किलो चांदी का भाव |
| दिल्ली | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| मुंबई | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| कोलकाता | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| चेन्नई | 🔹 ₹2,700 | 🔹 ₹27,000 | 🔹 ₹2,70,000 |
| पटना | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| लखनऊ | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| जयपुर | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| अहमदाबाद | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| बेंगलुरु | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| हैदराबाद | 🔹 ₹2,700 | 🔹 ₹27,000 | 🔹 ₹2,70,000 |
| गाजियाबाद | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| नोएडा | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| गुरुग्राम | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| चंडीगढ़ | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| मेरठ | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| अयोध्या | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| कानपुर | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| लुधियाना | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| गुवाहाटी | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| इंदौर | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| वडोदरा | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| सूरत | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| पुणे | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| नागपुर | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| नासिक | 🔹 ₹2,500 | 🔹 ₹25,000 | 🔹 ₹2,50,000 |
| भुवनेश्वर | 🔹 ₹2,700 | 🔹 ₹27,000 | 🔹 ₹2,70,000 |
| केरल | 🔹 ₹2,700 | 🔹 ₹27,000 | 🔹 ₹2,70,000 |
भारत में सोना और चांदी के भाव कैसे तय होते हैं?
देश में सोना और चांदी के दाम कई आर्थिक फैक्टर्स के आधार पर तय किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की कीमत, डॉलर इंडेक्स, आयात शुल्क, रुपये की कीमत और मांग-आपूर्ति इसमें सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में कीमत बढ़ने या घटने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। त्योहार, शादी का सीजन और निवेशकों की खरीदारी भी कीमतों को प्रभावित करती है।
चांदी की कीमतों में आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव बना रहता है और डॉलर कमजोर रहता है, तो चांदी में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों के लिए यह समय कीमतों पर नजर बनाए रखने का है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि चांदी औद्योगिक उपयोग में भी काफी इस्तेमाल होती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल सेक्टर में बढ़ती मांग भविष्य में इसकी कीमतों को सपोर्ट दे सकती है।
चांदी से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
1. चांदी की शुद्धता कैसे जांची जाती है?
चांदी की शुद्धता को 'फाइननेस' में मापा जाता है। गहनों के लिए 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5% शुद्धता) सबसे अच्छा माना जाता है, जबकि निवेश के लिए 999 फाइन सिल्वर (99.9% शुद्धता) की ईंटें या सिक्के लिए जाते हैं।
2. चांदी और सोने के दाम में चेन्नई और केरल क्यों महंगे होते हैं?
दक्षिण भारतीय राज्यों में चांदी और सोने पर स्थानीय टैरिफ, मेकिंग चार्जेस और परिवहन लागत उत्तर भारत के मुकाबले अधिक होती है, जिसके कारण वहां कीमतें ऊंची रहती हैं।
3. क्या चांदी में निवेश सुरक्षित है?
चांदी को 'गरीबों का सोना' कहा जाता है, लेकिन इसकी औद्योगिक मांग बहुत अधिक है (जैसे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में)। इसलिए उतार-चढ़ाव के बावजूद यह लॉन्ग टर्म निवेश के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।












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