Silver Rate Today: नए साल की पहली सुबह चांदी हुई धड़ाम, रिकॉर्ड हाई से हजारों सस्ती, जानिए आज का सिल्वर रेट
Silver Rate Today 1 January 2026: नए साल 2026 की शुरुआत चांदी निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरी रही। 1 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में साफ गिरावट देखने को मिली है। बीते कुछ हफ्तों से लगातार तेजी दिखा रही चांदी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है और यह अपने ऑल टाइम हाई लेवल से नीचे फिसल गई है। राजधानी दिल्ली में चांदी का भाव 2,38,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है, जबकि मुंबई समेत कई शहरों में भी यही रेट बना हुआ है।
दक्षिण भारत के बाजारों की बात करें तो चेन्नई और हैदराबाद में चांदी का दाम अब भी 2,56,900 रुपये प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर है। हालांकि यहां भी कीमतें अपने पीक से नीचे आई हैं। इससे पहले चांदी 2,75,000 रुपये प्रति किलो के पार तक पहुंच चुकी थी, लेकिन नए साल की पहली सुबह इसमें ठंडक देखने को मिली।

Silver Rate In India: 1 जनवरी 2026 को देश के 10 बड़े शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम)
🔹दिल्ली: ₹2,38,900
🔹मुंबई: ₹2,38,900
🔹अहमदाबाद: ₹2,38,900
🔹चेन्नई: ₹2,56,900
🔹कोलकाता: ₹2,38,900
🔹बेंगलुरु: ₹2,38,900
🔹लखनऊ: ₹2,38,900
🔹जयपुर: ₹2,38,900
🔹पटना: ₹2,38,900
🔹हैदराबाद: ₹2,56,900
क्यों टूटी चांदी की कीमत
बीते कुछ दिनों में चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी, लेकिन 31 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कॉमेक्स सिल्वर प्राइस के फिसलने का असर सीधे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर पड़ा। एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव अपने पिछले बंद स्तर 2,51,012 रुपये प्रति किलो से टूटकर खुला और शुरुआती कारोबार में करीब 18,000 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2,32,228 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें आंशिक रिकवरी जरूर आई, लेकिन कीमतें दबाव में बनी रहीं।
रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती हुई चांदी
2025 के आखिरी हफ्ते में चांदी ने नया लाइफ टाइम हाई बनाया था। एमसीएक्स पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 2,54,174 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद अचानक मुनाफावसूली हावी हुई और कुछ ही घंटों में दाम 21,500 रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गए। रिकॉर्ड हाई की तुलना में फिलहाल चांदी करीब 21,946 रुपये प्रति किलो सस्ती चल रही है।
तेजी के पीछे क्या थे बड़े कारण
साल 2025 में चांदी की जबरदस्त तेजी के पीछे कई मजबूत फैक्टर रहे। सोलर पैनल, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाई टेक इंडस्ट्री में चांदी की मांग तेजी से बढ़ी। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, निवेशकों की सेफ हेवन खरीदारी और चीन की ओर से भविष्य में चांदी के एक्सपोर्ट पर संभावित रोक की आशंका ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई। इन्हीं वजहों से रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया।












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