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Share Market: ब्लू स्टार के शेयर में 13% की वृद्धि, NIFTY 26 अंक नीचे, Budget के बाद जानिए शेयर मार्केट का हाल

Share Market: केंद्रीय बजट 2025 के सदन में पेश होने के बाद शेयर मार्केट में कुछ बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 50 कंपनियों के निफ्टी में 26 प्रतिशत की वृद्दि दर्ज की गई है। जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूचकांक में शामिल 50 कंपनियों में से 26 ने अब तक अपने Q3FY25 परिणामों की रिपोर्ट दी है, जो साल-दर-साल (YoY) वृद्धि मात्र 4.4 प्रतिशत दर्शाती है। यह तिमाही के लिए 5.8 प्रतिशत की वृद्धि के पहले के अनुमान से काफी कम है।

शेयर मार्केट को लेकर जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 50 कंपनियों के 26 निफ्टी सूचकांक में सालाना आधार पर 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इससे पहले दूसरी तिमाही में ये वृद्धि 4.2 प्रतिशत थी।

Share Market after Budget 2025

रिपोर्ट के में कहा गया है, "3QFY25 में 5.8 प्रतिशत सालाना वृद्धि (2.1 प्रतिशत सालाना पर पूर्व-बीएफएसआई वृद्धि) की हमारी उम्मीद के विपरीत, अब तक रिपोर्ट की गई 26 निफ्टी 50 कंपनियों ने केवल 4.4 प्रतिशत सालाना वृद्धि दी है। हम पहले ही कटौती कर चुके हैं FY25E EPS वृद्धि 3QFY25 के दौरान अब तक 3.8 प्रतिशत (5 प्रतिशत से) हो गई है।"

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार राजकोषीय अनुशासन से समझौता किए बिना बजट में कर कटौती करने में कामयाब रही है। रिपोर्ट ने वित्त वर्ष 2025 के लिए निफ्टी 50 कंपनियों के लिए पूरे साल की प्रति शेयर आय (ईपीएस) वृद्धि अनुमान को भी संशोधित कर 3.8 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पिछला अनुमान 5 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी की50 कंपनियां पूरे वित्तीय वर्ष में धीमी आय वृद्धि से जूझ रही हैं। पहली तिमाही (Q1FY25) में, EPS वृद्धि सालाना आधार पर 5.5% दर्ज की गई, जबकि दूसरी तिमाही (Q2FY25) में, यह सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत से भी कम थी।

रिपोर्ट यह बताती है कि आगामी वित्तीय वर्ष (FY26) में निफ्टी 50 कंपनियों को 2026 में 18.3 प्रतिशत ईपीएस की वृद्धि की उम्मीद है। इसके अलावा रिपोर्ट में ये सवाल उठाया गया कि मौजूदा स्थिति यह बताती है कि सरकार नियंत्रित राजकोषीय घाटे को बनाए रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को ब्याज दरों में कटौती करने का संकेत दे रही है। इसके अलावा सरकार कम ब्याज दरों पर व्यवसायों और व्यक्तियों के लिए उधार लेने की लागत को कम करके आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकती है।

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