Crude Oil Surplus: सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल! 60 मिलियन बैरल कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट से बाजार में आने को तैयार

Crude Oil Surplus: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ हफ्ते पहले तक दुनिया को डर था कि तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होगी, लेकिन अब तस्वीर उलटी नजर आ रही है।

खाड़ी क्षेत्र में करीब 160 मिलियन बैरल तेल जहाजों पर लोड होकर या बंदरगाहों के पास इंतजार कर रहा है। जैसे ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य होगा, यह तेल दुनिया के बाजारों में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इससे सप्लाई बढ़ेगी और तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, जिसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।

Crude Oil Surplus

होर्मुज के बाहर फंसा है भारी मात्रा में तेल

ऊर्जा विश्लेषण कंपनी Kpler के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में 90 मिलियन बैरल गैर-ईरानी और करीब 70 मिलियन बैरल ईरानी तेल फिलहाल इंतजार की स्थिति में है। हाल के तनाव और शिपिंग बाधाओं की वजह से यह तेल बाजार तक नहीं पहुंच पाया था। अब अमेरिका-ईरान समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके चलते आने वाले दिनों में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल एक साथ बाजार में पहुंच सकता है, जिससे सप्लाई तेजी से बढ़ेगी।

एशिया को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

इस साल सप्लाई बाधित होने का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ा था, क्योंकि वे मध्य पूर्व के तेल पर काफी निर्भर हैं। अब हालात सामान्य होने पर सबसे पहले एशिया को राहत मिलने की उम्मीद है। शिपिंग डेटा के मुताबिक करीब 36 सुपरटैंकर, जिनमें लगभग 62 मिलियन बैरल कच्चा तेल भरा है, एशियाई ग्राहकों की ओर रवाना हो सकते हैं। इससे चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े आयातक देशों को पर्याप्त तेल उपलब्ध होगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

तेल कीमतों के अनुमान में कटौती शुरू

बाजार में बढ़ती सप्लाई की संभावना को देखते हुए बड़े निवेश बैंकों ने तेल कीमतों के अनुमान घटाने शुरू कर दिए हैं। Morgan Stanley ने अब 2026 की तीसरी तिमाही के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान 90 डॉलर प्रति बैरल और चौथी तिमाही के लिए 80 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। Goldman Sachs ने भी अपने अनुमान कम किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई सामान्य रहती है तो तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है, जिससे आयातक देशों को फायदा होगा।

सप्लाई शॉक से सरप्लस की ओर बढ़ सकता है बाजार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का कहना है कि यदि मध्य पूर्व के प्रमुख उत्पादक देश पूरी क्षमता से उत्पादन और निर्यात शुरू कर देते हैं तो अगले साल तेल बाजार में बड़ी अतिरिक्त सप्लाई देखने को मिल सकती है। एजेंसी के अनुसार बाजार में प्रतिदिन 5 मिलियन बैरल से अधिक का सरप्लस बनने की संभावना है। इसका मतलब है कि कुछ समय पहले जिस बाजार को भारी कमी का डर था, वही बाजार अब जरूरत से ज्यादा तेल की स्थिति का सामना कर सकता है।

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