सहारा श्री सुब्रत राय को झटका, ना बेच पाएंगे प्रॉपर्टी और ना छोड़ सकेंगे देश

दोनों कंपनियों ने वैकल्पिक रूप से पूरी तरह परिवर्तनीय डिबेंचरों (ओएफसीडी) के जरिए निवेशकों से संपत्ति ली थी। न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हम इस बात पर संतुष्ट हैं कि 28 अक्टूबर 2013 के हमारे आदेश पर अक्षरश: अमल नहीं हुआ। हम सभी अवज्ञा करने वालों को देश नहीं छोड़ने का निर्देश देते हैं।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि 28 अक्टूबर के आदेश का पालन किए बिना सहारा समूह अपनी संपत्ति न तो बेचे और न ही इसे खुद से अलग करे। वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने यह दलील दी कि हमने वरसोवा संपत्ति का मालिकाना हक जमा कर दिया है। इस पर न्यायमूर्ति खेहर ने कहा कि हम आप पर सहारा समूह की किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक लगाते हैं।












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