डूबने की कगार पर यस बैंक, मदद के लिए SBI ने बढ़ाया हाथ, निवेश को दी सैद्धांतिक मंजूरी

नई दिल्ली। यस बैंक को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई ने यस बैंक से पैसे निकासी को लेकर कई पाबंदियां लगा दी हैं। यस बैंक में जिन लोगों का खाता है वह 3 अप्रैल 2020 तक बैंक से 50000 रुपए से अधिक नहीं निकाल सकते हैं। साथ ही आरबीआई ने यस बैंक के बोर्ड को भी सस्पेंड कर दिया है। आरबीआई ने बैंक के संचालन के लिए एसबीआई के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार को प्रशासक नियुक्त किया है। इस बीच नगदी की समस्या से जूझ रहे यस बैंक में निवेश के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी दोनों ही ने यस बैंक में सामूहिक रूप से 49 फीसदी शेयर हासिल करने की बात कही है।

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    YES Bank Crisis: YES Bank में निवेश करेगा SBI, बोर्ड ने दी सैद्धांतिक मंजूरी | वनइंडिया हिंदी
    बैंक ढूंढ़ रहा था निवेशक

    बैंक ढूंढ़ रहा था निवेशक

    स्टेट बैंक की ओर से यह फैसला तब लिया गया जब आरबीआई ने इसपर कई पाबंदियां लगा दी। इससे पहले यस बैंक के प्रबंधन की ओर से कहा गया था कि वह तमाम निवेशकों से बात कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद है। इस बीच नगदी की समस्या से जूझ रहे यस बैंक की मदद के लिए स्टेट बैंक आगे आया और उसने यस बैंक में निवेश के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी। वहीं आरबीआई की पाबंदी के बाद से ही यस बैंक के ग्राहकों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

    लोगों को हो रही है मुश्किल

    लोगों को हो रही है मुश्किल

    आरबीआई की पाबंदी की जानकारी मिलते ही बैंक के ग्राहक पैसे निकालने के लिए एटीएम पहुंच गए। एक ग्राहक ने बताया कि हमे इस बात की जानकारी भी नहीं दी गई। हम पैसा निकालना चाहते थे, लेकिन एटीएम में कैश खत्म हो गया क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों ने एटीएम से पैसा निकाला है। हम काफी मुश्किल में हैं, होली नजदीक है। गौरतलब है कि यस बैंक का एनपीए ज्यादा होने की वजह से बैंक के पास नकदी की कमी हो गई है। इसलिए, बैंक पूंजी जुटाने की कोशिशों में जुटा है। 2004 में शुरू हुए यस बैंक के पास पिछले साल जून तक 3,71,160 करोड़ रुपए की संपत्तियां थीं।

    629 करोड़ का हुआ था घाटा

    629 करोड़ का हुआ था घाटा

    बता दें कि नकदी से जूझ रहे यस बैंक को पिछले वर्ष जुलाई-सितंबर तिमाही में 629 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। जिसके बाद दिसंबर की तिमाही को बैंक ने टाल दिया और कहा कि 14 मार्च को इसके नतीजे जारी किए जाएंगे। पिछले एक वर्ष से बैंक वित्तीय संकट से जूझ रहा है। बैंक प्रबंधन ने सितंबर 2019 में 14,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना के बारे में बताया था। बैंक के शेयर का प्राइस अगस्त 2018 में 400 रुपए था, अभी 37.20 रुपए है। बैंक का मार्केट कैप 9,398.49 करोड़ रुपए है।

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