S&P India Ratings: Moody's के बाद S&P ने दी भारत को Ratings, नहीं किया कोई बदलाव
मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने के बाद अब स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S&P) रेटिंग एजेंसी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को रेटिंग दे दी है। S&P ने भारत की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया है।

नई दिल्ली। मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने के बाद अब स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S&P) रेटिंग एजेंसी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को रेटिंग दे दी है। S&P ने भारत की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया है। S&P ने भारत की रेटिंग को BBB-A/3 पर ही स्थिर रखा है। आपको बता दें कि इससे पहले मूडीज ने भारत की रेटिंग को बढ़ाया था। S&P ने कहा है कि स्थिर रेटिंग का मतलब है कि अगले दो सालों तक ग्रोथ मजबूत ही बनी रहेगी। भारत अपनी स्थिति को बनाए रख सकेगा और वित्तीय घाटा हमारी अपेक्षाओं के हिसाब से ही रहेगा। S&P ने कहा है कि भारत पर उनकी रेटिंग मजबूत जीडीपी ग्रोथ, अच्छा प्रोफाइल और मॉनेटरी क्रेडिबिलिटी में बढ़त को दिखाती है। ये हैं TV के टॉप 12 सितारे, जानिए हर एपिसोड की कितनी लेते हैं फीस
क्या रेटिंग दी भी मूडीज ने?
कुछ दिन पहले ही क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रैंकिंग को बढ़ाया है। पहले भारत की रैंकिंग BAA3 थी, जिसे अब मूडीज ने बढ़ाकर BAA2 कर दिया है। इस तरह से मूडीज ने मोदी सरकार की नोटबंदी और जीएसटी जैसे सुधारों पर मुहर लगा दी है। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि इससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी बढ़ेगी। इसके चलते न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा लौटेगा, बल्कि मोदी सरकार के आर्थिक सुधार के प्रयासों को सराहना भी मिलेगी। मूडीज की तरफ से रेटिंग बढ़ाने के बाद से मोदी सरकार की खूब तारीफ हो रही है।
निवेश माहौल होगा बेहतर
मूडीज की रेटिंग जितनी बेहतर होगी, निवेश करने के लिए देश में माहौल उतना ही अच्छा होगा। लंबे समय के बॉन्ड्स में निवेश का जोखिम भी रैंकिंग सुधरने की वजह से कम होगा। BAA2 की रैंकिंग किसी देश के मध्यम क्रेडिट जोखिम को दिखाता है। इसके चलते किसी भी देश में निवेश के अधिक मौके बनते हैं। निवेशक मूडीज की रैंकिंग के हिसाब से फायदे और नुकसान का अनुमान लगाते हैं और फिर निवेश करते हैं।












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