Retail Inflation: महंगाई के बीच राहत की खबर! 18 महीने में सबसे निचले स्तर पर खुदरा मुद्रास्फीति
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति डेढ़ साल बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंची। ये स्थिति बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी राहत की खबर है।

Retail inflation in April: खुदरा मंहगाई पिछले डेढ़ साल में अप्रैल में अपने सबसे निचले स्तर पर रही। एक प्रतिशत खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई। रिटेल इंफ्लेशन अप्रैल में 5.7 प्रतिशत से गिरकर 4.7 प्रतिशत रह गई।
पिछले साल अप्रैल महीने में भारत का हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति (या खुदरा मुद्रास्फीति) 7.8 प्रतिशत थी। जो अब 18 महीने बाद घटकर 4.7 फीसदी रह गई है। इसकी वजह फूड आइटम्स का सस्ता होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल लगातार दूसरा महीना रहा जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक संतोषजनक स्थिति में है।
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश की इकोनॉमी का बज गया बैंड! विदेशी मुद्रा भंडार गिरने के बाद IMF की चेतावनी, मुसीबत में शेख हसीना
आरबीआई का मुद्रास्फीति को लेकर टारगेट 2 प्रतिशत की घट- बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर रखने का है। इस साल के आंकड़ों के मु्ताबिक अब तक खुदरा मुद्रास्फीति इस साल मार्च में 5.66 प्रतिशत थी। जबकि पिछले साल अप्रैल में 7.79 प्रतिशत थी। वहीं इस साल अप्रैल महीने में खुदरा मुद्रा स्फीति की दर 4.7 प्रतिशत है, जो पिछले साल के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर पर है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस वित्तीय वर्ष में अपनी पहली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में प्रमुख बेंचमार्क ब्याज दर और रेपो दर को ना बदले का निर्णय लिया था। आरबीआई ने अपनी अप्रैल की मौद्रिक नीति को लेकर मुद्रास्फीति में 2023-24 में 5.2 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। जिसका पूरा असर देखा गया।
Recommended Video

यह भी पढ़ें: RBI ने HSBC पर 1.73 करोड़ रुपए की लगाई पेनाल्टी, जानिए क्यों हुई यह कार्रवाई












Click it and Unblock the Notifications