RBI New FD Rule: RBI ने फिक्स डिपॉजिट के नियम में किया बड़ा बदलाव, ये नहीं किया तो होगा बड़ा नुकसान
नई दिल्ली, 06 जुलाई। अगर आपने भी बैंक में लंबी अवधि के लिए पैसा एफडी के तौर पर जमा किया है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एफडी के नियम में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कोरोना काल में फिक्स डिपॉजिट के नियम में बदलाव के बाद आपको अपनी एफडी की अवधि को पूरा होने से पहले इसे फिर से रिन्यू कराना जरूरी है। जीं हां, अगर आपके एफडी की अवधि पूरी हो रही है तो उसे तय समय से पहले ही आपको रिन्यू कराना होगा, अन्यथा तय अवधि पूरी होने के बाद आपको इस राशि पर साधारण ब्याज मिलेगा नाकि चक्रवृद्धि ब्याज। ऐसे में अगर आप एफडी की तय अवधि पूरी होने से पहले रिन्यू नहीं कराते हैं तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है।

अवधि पूरी होने से पहले रिन्यू कराना अनिवार्य
रिजर्व बैं ऑफ इंडिया ने नियमों में बदलाव करते हुए कहा कि बैंक में कराई गई एफडी को तय अवधि के पूरा होने से पहले अनिवार्य रूप से रिन्यू कराना होगा। ऐसा करने पर ही आपको एफडी पर अवधि पूरा होने के बाद इसपर चक्रवृद्धि ब्याज मिलेगा। इससे पहले के नियम के अनुसार एफडी की अवधि पूरी होने के बाद भी इसपर ग्राहकों को चक्रवृद्धि ब्याज मिलता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आरबीआई के इस नए नियम का सबसे अधिक असर बुजुर्ग ग्राहकों पर होगा।

2 जुलाई से बदला नियम
दरअसल पहले जो नियम था उसके मुताबिक जब ग्राहक की एफडी की मियाद पूरी होती थी तो बैंक उस राशि को अपने आप पूर्व की अवधि के लिए फिक्स डिपॉजिट कर देता था। लिहाजा ग्राहकों को इसे दोबारा रिन्यू नहीं कराना होता था। यही वजह है कि ग्राहक इस राशि को लेकर निश्चिंत रहते थे। लेकिन रिजर्व बैंक ने 2 जुलाई से नियमों में बदलाव कर दिया है।

पहले बैंक खुद रिन्यू कर देते थे एफडी
रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक थॉमस मैथिव ने निर्देश जारी करके इस बात की जानकारी दी है कि ग्राहक को उसकी एफडी की अवधि पूरी होने पर चक्रवृद्धि ब्याज तभी मिलेगा जब खुद ग्राहक इसे रिन्यू कराता है। ऐसे में अगर ग्राहक ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें सेविंग अकाउंट में जमा राशि पर जितना ब्याज मिलता है उतना ही ब्याज मिलेगा। कोरोना काल में आरबीआई के इस नए नियम के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

बुजुर्गों को होगी ज्यादा मुश्किल
दरअसल कोरोना महामारी काल में सरकार लोगों से अपील कर रही है कि वह घर में ही रहे, लेकिन जिस तरह से आरबीआई ने यह नया नियम लागू किया है वह सरकार की नसीहत से इतर है। इस नियम के चलते लोगों को मजबूर होकर घर से निकलना होगा और बैंक जाना होगा। इसका असर सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर इसलिए भी होगा क्योंकि नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद अधिकतर बुजुर्गों ने अपना पैसा बैंक में एफडी किया है।

कितना ब्याज मिलता है
बता दें कि बैंक में एफडी पर बुजुर्गों को 5.5 फीसदी से 6.5 फीसदी तक चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। वहीं सेविंग अकाउंट की बात करें तो लोगों को 2.5 फीसदी से 3.25 फीसदी तक ही साधारण ब्याज मिलता है। यही वजह है कि लोग आवश्यकता से अधिक राशि को एफडी करते हैं जिससे कि उन्हें इसपर अधिक ब्याज मिले। आरबीआई के इस फैसले पर रिटायर्ड जज केडी शाही का कहना है कि एक तरफ जहां बैंक लोगों को घर पर सुविधा देने की बात करते हैं तो दूसरी तरफ इस तरह का निर्देश जारी करना विरोधाभासी फैसला है। आरबीआई को यह सर्कुल तत्काल वापस लेना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications