RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ने आम आदमी के लिए किया बड़ा ऐलान! अब आपको कितनी देनी होगी Home Loan की EMI?
RBI Monetary Policy: अगर आपने होम लोन या कोई अन्य लोन लिया है, तो ये खबर आपके लिए है! रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज शुक्रवार (5 दिसंबर) को ब्याज दरों पर बड़ा ऐलान किया है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने तीन दिन तक मीटिंग की है। मीटिंग के बाद RBI ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.25% कर दिया।
MPC ने अपने 'न्यूट्रल' रुख को कायम रखते हुए यह बड़ी घोषणा की है। इस रेट कट से स्पष्ट संकेत मिलता है कि अब मार्केट में लिक्विडिटी बनी रहेगी और कर्ज लेने की लागत कम होगी, जिससे लोन वालों को कुछ राहत मिलेगी।

क्या बोले आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछला महीना बड़ी चुनौती भरा रहा है, लेकिन अब आगे का महीने GDP से लेकर महंगाई तक अच्छा रहने वाला है। पूरे साल के लिए महंगाई को लेकर हमारा अनुमान 2 फीसदी का है। दूसरी तिमाही में रीयल जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही है. इस वित्त वर्ष के पहले छमाही में जीडीपी ग्रोथ 8 फीसदी रहने का अनुमान है।
अन्य प्रमुख दरें अपरिवर्तित रखी गई हैं
- CRR (कैश रिज़र्व रेश्यो): 3% पर बरकरार।
- SDF (स्टैंडिंग डिपॉज़िट फ़ैसिलिटी) दर: 5.25% पर बरकरार।
- MSF (मार्जिनल स्टैंडिंग फ़ैसिलिटी) दर और बैंक दर: दोनों 5.75% पर बरकरार।
इन्वेस्टर्स और मार्केट पर नजर रखने वालों के लिए यह एक अहम दिन है- चाहे वह इक्विटी, लोन या EMI हो, बाज़ार में आज कुछ दिलचस्प प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी!
अब कितनी देनी होगी Home Loan की EMI?
रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती का सीधा और पॉजिटिव असर आपके होम लोन की EMI पर पड़ेगा। यह फैसला संकेत देता है कि बैंक अब होम लोन, कार लोन जैसे फ्लोटिंग रेट (Floating Rate) वाले कर्ज़ों पर अपनी ब्याज दरें कम करेंगे।
इसलिए, यदि आपका होम लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो आपको अपनी मासिक EMI में कटौती देखने को मिलेगी, जिससे आपकी जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाएगा। यह राहत आपको कब मिलेगी, यह आपके बैंक की नई दरें लागू करने और आपके लोन के रीसेट साइकिल (reset cycle) पर निर्भर करेगा, लेकिन राहत मिलना लगभग तय है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने FY26 के लिए 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक अपनी पांचवीं दो महीने की मीटिंग की। MPC ने अपनी पॉलिसी मीटिंग मज़बूत इकोनॉमिक ग्रोथ, ऐतिहासिक रूप से कम महंगाई और भारतीय रुपये के US डॉलर के मुकाबले लगभग 90 के रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास होने के बैकग्राउंड में बुलाई।
पिछली पॉलिसी में क्या हुआ था?
- पिछली मीटिंग (अक्टूबर) में RBI ने रेपो रेट को 5.50% पर बनाए रखा था।
- RBI ने देश की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है (6.5% से 6.8%)।
- महंगाई का अनुमान भी घटाया है (3.1% से 2.6%)। इससे साफ है कि RBI को भरोसा है कि कीमतें काबू में रहेंगी।












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