RBI रिपोर्ट: छोटे उद्योगों के लिए घातक रही नोटबंदी और जीएसटी, साल भर में दोगुना हुए लोन डिफॉल्टर्स

नई दिल्‍ली। नोटबंदी के बाद GST लागू होने से देश के छोटे और बड़े उद्योगों पर भारी असर पड़ा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, छोटे और बड़े उद्योगों का लोन डिफॉल्ट मार्जिन मार्च 2017 के 8249 करोड़ रुपये के मुकाबले मार्च 2018 तक बढ़कर 16118 करोड़ रुपये हो गया। जो लगभग दोगुना आंकड़ा है। अंग्रेजी वेबसाइट द इंडियन एक्‍सप्रेस ने यह आंकड़ा आरटीआई के तहत प्राप्‍त किया है। आरटीआई से पता चला है कि छोटे और बड़े उद्योगों का एनपीए 82382 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2018 तक 98500 करोड़ रुपये हो गया है। यह लोन छोटे उद्योगों को प्लांट और मशीनरी में निवेश के लिए दिया जाता है, जो 25 लाख से 5 करोड़ तक हो सकता है।

RBI: Loan defaults by small businesses double in a year

आरटीआई से मिले जवाब में आरबीआई ने बताया है कि लोन डिफॉल्ट्स के मामले बीते साल मार्च से ज्यादा बढ़े हैं। गौरतलब है कि छोटे और बड़े उद्योगों के लोन डिफॉल्ट्स में से 65.32 प्रतिशत हिस्सा सरकारी बैंकों का है। रिजर्व बैंक के अनुसार, छोटे उद्योगों को दिए जाने वाले आउटस्टैंडिंग एडवांस में पिछले साल के मुकाबले 6.72 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो कि 9,83,655 करोड़ रुपए से बढ़कर 10,49,796 करोड़ रुपए हो गया है।

आरबीआई द्वारा करवाई गई स्टडी में पता लगा कि छोटे जिलों में ग्रोथ रेट घटी है जबकि पहले वहां ग्रोथ रेट काफी अच्छी थी। इस रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2016 से फरवरी 2017 के बीच क्रेडिट ग्रोथ काफी गिर गई थी। इसलिए ऐसा माना गया कि क्रेडिट ग्रोथ में ये गिरावट नोटबंदी की वजह से आई है खासकर औद्योगिक क्षेत्र में। हालांकि छोटे कारोबारियों ने बाद में इसे रिकवर कर लिया और क्रेडिट ग्रोथ बढक़र 8.5 फीसदी हो गई।

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