RBI की एक और बड़ी कार्रवाई, बेंगलुरु के इस निजी बैंक के लेन-देन पर लगाया अंकुश, 35000 रू तक कैश निकाल सकते हैं खाताधारक
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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बेंगलुरु के निजी बैंक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके कारोबार पर रोक लगा दी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक के कारोबार पर अंकुश लगा दिया है। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय अनियमितताओं के कारण बैंक के कारोबार पर लगा अंकुश लगा दिया है।

शनिवार को आरबीआई की ओर से आदेश मिलने के बाद बैंक से किसी भी तरह के लेन-देन और उसके कारोबार पर अंकुश लगा दिया गया है। एएनआई द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैकं ऑफ इंडिया ने बेंगलुरु स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक में 10 जनवरी 2020 के बाद किसी भी तरह के लेन-देन, जमा, लोन, निवेश आदि पर रोक लगा दिया है। आरबीआई को मिली पूर्व जानकारी और केंद्रीय बैंक की ओर से मिले अग्रिम लिखित स्वीकृति के बैंक किसी भी तरह का निवेश, लोन एप्रूवल आदि नहीं कर सकती है।
केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35A और 56 के तहत निर्देश जारी किया। हालांकि आरबीआई ने खाताधारकों को राहत दी है कि सेविंग और करंट खाताधारक बैंक से 35000 रुपए तक का कैश निकाल सकेंगे। अगली नोटिस तक खाताधारकों को 35000 रुपए तक कैश निकालने की छूट दी गई है। वहीं बैंक को भी आरबीआई की ओर से निर्देश दिया गया है कि वो 2 जनवरी, 2020 के बाद से अपनी देनदारियों और दायित्वों के निर्वहन में भुगतान नहीं करेंगे, समझौता या व्यवस्था या बिक्री, हस्तांतरण या अपनी संपत्तियों या परिसंपत्तियों का निपटान नहीं करेंगे। हालांकि ये भी कहा गया है कि जब तक बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होता है, तब तक प्रतिबंधों के साथ व्यापार करना जारी रखें। वहीं ये भी कहा गया है कि उसके निर्देश को बैंक को जारी किए गए लाइसेंस को रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। RBI द्वारा जारी किया गया यह निर्देश 10 जनवरी से छह महीने तक लागू रहेगा और इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।












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