कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने तैयार किया रोडमैप
नोटबंदी के बाद लोगों को कैशलेस इकोनॉमी से जोड़ने के लिए सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने की बातें कर रहे हैं। पीएम मोदी लगातार ई वॉलेट, ऑनलाइन पेमेंट, नेट बैंकिंग, डिजीटल पेमेंट की बातें कर रहे हैं। कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सोमवार को अहम बैठक की। बैठक में यूपीआई, बैकिंग और डिजीटल वॉलेट एप को लेकर चर्चा की गई। बैठक में डाकघरों, स्कूलों, अस्पतालों जैसे सार्वजनिक जगहों पर डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। इस बैठक में राज्य सरकारों और अधिकारियों को भी कैशलेस इकॉनोमी से जोड़ने पर बल दिया गया। जैकपॉट: नोटबंदी के बावजूद एप्पल ने 3 दिन में बेचे 1 लाख iPhone

बैठक में रविशंकर प्रसाद, ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर, पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि मंत्री राधामोहन सिंह शामिल हुए। बैठक में मंत्रियों के साथ-साथ नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत अपने अधिकारियों के साथ मौजूद थे। बैठक में पीएम मोदी के मन की बात को लेकर भी चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने 100 प्रतिशत कैशलेस सोसाइटी बनाने की बात कही थी।
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सरकारी अधिकारी की माने तो बैठक का एजेंडा ये था कि कैसे जल्दी से जल्दी कैशलेस और डिजीटल पेमेंट को लोगों की आदत में डाला जाए। इस बैठक में यूपीआई, एसबीआई एप, मोबाइल वॉलेट एप्लीकेशन को लेकर चर्चा की गई। आपको बता दें कि कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में सभी कर्मचारियों को मोबाइल और कार्ड्स के जरिए ऑनलाइन पेमेंट की ट्रेनिंग दी गई है।
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प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा और अतिरिक्त प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कर्मचारियों के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन कराया, जिसमें मोबाइल बैंकिंग और मोबाइल ऐप, ई-वॉलेट ट्रांजैक्शन सिखाया गया। अधिकारियों ने मोबाइल ऐप डॉउनलोड करने से लेकर ट्रांजेक्शन तक की पूरी प्रक्रिया बताई गई।
वहीं राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की कैशलेस इलाज की एक बड़ी मांग सरकार ने मान ली है। सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। वहीं सरकार ने स्वाईप मशीनों की बढ़ती मांग को देखते हुए पीओएस मशीनों के विनिर्माण को 12.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क और 4.0 प्रतिशत की अतिरिक्त शुल्क :एसएडी: से छूट दी गई है।












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