कोरोना की दूसरी लहर के कारण सरकार ने एमएसएमई के लिए ESLGS योजना का किया विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने रविवार को कोरोना की दूसरी लहर के कारण हुए आर्थिक घाटे को देखते हुए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के दायरे का विस्तार किया।
नई दिल्ली, 30 मई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने रविवार को कोरोना की दूसरी लहर के कारण हुए आर्थिक घाटे को देखते हुए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के दायरे का विस्तार किया। 'ईसीएलजीएस 4.0' के तहत, अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेजों को ऑन-साइट ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए दिए गए 2 करोड़ तक के ऋण पर 100% गारंटी कवर दिया जाएगा और इस पर ब्याज दर की सीमा 7.5 फीसदी तय की गई है। सरकार ने देश में ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।

मंत्रालय ने कहा कि जो लोग आरबीआई द्वारा 5 मई, 2021 को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार पुनर्गठन के लिए पात्र हैं और जिन्होंने चार साल के लिए 'ईसीएलजीएस 1.0' के तहत ऋण लिया था, जिसमें केवल पहले 12 महीनों के लिए ब्याज चुकाने के साथ कुल 36 महीनों में मूलधन और ब्याज चुकाना था अब वे 4 के बजाय 5 साल में लोन चुका सकते हैं। अर्थात उन्हें अब 24 महीने के लिए ब्याज देना होगा और मूलधन और ब्याज को कुल 36 महीनों में अदा करना होगा।
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सरकार ने नागरिक उड्डयन सेक्टर को ईसीएलजीएस 3.0 के तहत ला दिया है। साथ ही ईसीएलजीएस 3.0 के तहत लोन आउटस्टैंडिंग की 500 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा भी हटा दी गई है। सरकार ने ईसीएलजीएस की वैधता भी बढ़ाकर इस साल सितंबर कर दी है या यह स्कीम दिसंबर तक वैध रहेगी, जब तक कि 3 लाख रुपये के लोन पर गारंटी और उसका डिस्बर्समेंट नहीं हो जाता। गौरतलब है कि शुरुआत में यह स्कीम अक्टूबर 2020 तक वैध थी, जिसे बाद में बढ़ाकर नवंबर अंत तक कर दिया गया था।












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