FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEO हैं 94 साल के धर्मपाल गुलाटी
धर्मपाल गुलाटी ने सैलरी के मामले में गोदरेज कंज्यूमर के आदी गोदरेज और विवेक गंभीर, हिंदुस्तान यूनिलिवर के संजीव मेहता और आईटीसी के वाई सी देवेश्वर को भी पीछे छोड़ दिया।
नई दिल्ली। भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ को आप किसी मैगजीन के कवर में शायद ही देखे हों, लेकिन वह मसाले के पैकेट और विज्ञापनों में जरूरत दिख जाते हैं। 94 साल के धर्मपाल गुलाटी मसालों की कंपनी एमडीएच के सीईओ हैं और उन्होंने कमाई के मामले में अच्छी-अच्छी कंपनियों के मालिकों को पीछे छोड़ दिया है। महज पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले इस शख्स ने पिछले वित्तीय वर्ष में अपनी 21 करोड़ रुपये की कमाई की जो उनकी प्रतिस्पर्धी और नामी कंपनियों के सीईओ से काफी ज्यादा है।

कंपनी में है 80 फीसदी हिस्सेदारी
धर्मपाल गुलाटी ने सैलरी के मामले में गोदरेज कंज्यूमर के आदी गोदरेज और विवेक गंभीर, हिंदुस्तान यूनिलिवर के संजीव मेहता और आईटीसी के वाई सी देवेश्वर को भी पीछे छोड़ दिया। MDH के नाम से चर्चित गुलाटी की कंपनी 'महाशियां दी हट्टी' ने इस वित्तीय वर्ष में 15 फीसदी की बढ़क के साथ कुल 924 करोड़ का कारोबार किया जिसमें कुल 213 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। कंपनी की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी गुलाटी के पास है। READ ALSO: दंगल गर्ल जायरा वसीम को मिला बॉलीवुड का साथ
चैरिटी में खर्च करते हैं 90 फीसदी सैलरी
गुलाटी के दादा जी या महाशय जी के नाम से लोग ज्यादा जानते हैं। वह 94 साल की उम्र में भी मेहनत से पीछे नहीं हटते और नियमित रूप से फैक्ट्री, बाजार का दौरा करने के साथ ही डीलर्स से भी मिलते हैं। वह रविवार को भी घर में नहीं बैठते। वह कंपनी जाकर कामकाज देखते हैं। करीब 60 साल पहले एमडीएच ज्वाइन करने वाले गुलाटी कहते हैं कि वह कम से कम कीमत में ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता का प्रोडक्ट उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। उन्होंने कहा 'मैं अपनी सैलरी का 90 फीसदी हिस्सा चैरिटी में दे देता हूं।' READ ALSO: ऐसी कला सिर्फ पाकिस्तानी ही दिखा सकते हैं, बाल काटने से पहले सिर पर लगाई आग
पाकिस्तान से भारत आकर बसे थे
1919 में गुलाटी के पिता चुन्नी लाल ने जब पाकिस्तान के सियालकोट में छोटी सी दुकान खोली थी तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा इस छोटी सी दुकान को 1500 करोड़ रुपये के मजबूत कारोबार में तब्दील कर देगा। गुलाटी के कारोबार में मसाला कंपनी के साथ करीब 20 स्कूल और एक अस्पताल भी शामिल है। देश के बंटवारे के समय गुलाटी का परिवार दिल्ली के करोलबाग इलाके में बस गया। तब से अब तक उन्होंने देश में करीब 15 फैक्ट्रियां खोली हैं। कंपनी के दुबई और लंदन में भी ऑफिस हैं। एमडीएच के मसाले करीब 100 देशों में भेजे जाते हैं। गुलाटी के बेटे कंपनी का कामकाज संभालते हैं और उनकी बेटियां डिस्ट्रीब्यूशन का काम देखती हैं। कंपनी की सफलता का राज इसकी सप्लाई चेन है जो देश ही नहीं विदेशों में भी काफी बेहतर है।
'घरेलू बाजार में जगह बनाना आसान नहीं'
अगर मार्केट की बात करें तो एवरेस्ट मसाले के मालिक एस. नरेंद्र कुमार 13 फीसदी शेयर के साथ सबसे आगे हैं जबकि 12 फीसदी शेयर के साथ एमडीएच दूसरे स्थान पर है। फ्यूचर ग्रुप के FMCG प्रेसिडेंट देवेंद्र चावला ने कहा, 'एक्सपोर्ट मार्केट में जगह बनाना घरेलू बाजार में जगह बनाने से कहीं ज्यादा आसान है। इसके पीछे वजह ये है कि यहां हर राज्य या क्षेत्र में लोगों की पसंद बदल जाती है, जो कि एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा चाइनीज, थाई और इटैलियन कंपनियों की तरह उत्पाद यहां की कंपनियां उतारती नहीं हैं।'












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