सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जेपी ग्रुप, 2000 करोड़ रुपए जमा करने के लिए मांगी यमुना एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को बेचने की इजाजत
नई दिल्ली। जेपी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को बेचने की इजाजत मांगी है। दरअसल, जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया घोषित किए जाने की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जेपी ग्रुप को 2000 करोड़ रुपए जमा करने के निर्देश दिए थे, जिसके चलते जेपी ग्रुप ने यह अहम कदम उठाया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी। जेपी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसके पास 2000 करोड़ रुपए जमा करने के लिए पैसे नहीं है, इसलिए उसे यमुना एक्सप्रेस-वे को बेचने की इजाजत दे, ताकि यह पैसे जमा किए जा सकें। जेपी ग्रुप यमुना एक्सप्रेस-वे को करीब 2500 करोड़ रुपए में बेचेगा।













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