इंडिगो ने शुरू की छंटनी, वेतन कटौती के बाद पायलटों को अवैतनिक छुट्टी पर भेजा
नई दिल्ली। कोरोना महामारी की मार झेल रही घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने कर्मचारी लागत को कम करने के लिए अपने कर्मचारिए के एक सेक्शन को बंद कर दिया है। इसके साथ ही पहले से ही बिना वेतन के छुट्टी पर भेजे गए कर्मचारियों की छुट्टी की अवधि को और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही इंडिगो ने कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती की है। कंपनी ने वर्तमान में अपने कुछ केबिन क्रू स्टाफ सदस्यों के अनुबंधों को रेन्यू नहीं किया है।

मनी कंट्रोल के मुताबिक, इंडिगो ने कुछ ग्राउंड स्टाफ को भी नौकरी से निकाल दिया है। इन्हें एक टेस्ट से गुजरने के लिए कहा गया था। जो इन टेस्ट में लो रहे उन्हें हटा दिया गया। सस्ती उड़ान सेवा देने वाली निजी विमानन कंपनी इंडिगो मई से अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर रही है। इसके अलावा मई, जून और जुलाई में कुछ कर्मचारियों को 'श्रेणीबद्ध तरीके से सीमित बिना वेतन की छुट्टियों' पर भी भेज दिया है। वहीं पायलटों के वेतन में 45 फीसदी तक कटौती की है। एयरलाइन ने कहा है कि वेतन में कटौती मई से पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में लागू रहेगी।
वर्तमान में, एयरलाइन 30 प्रतिशत क्षमता या लगभग 400 उड़ानों का संचालन प्रतिदिन कर रही है। इंडिगो वैश्विक स्तर पर कुछ एयरलाइनों में से एक थी जिसने व्यावसायिक अवरोध के बावजूद, मार्च और अप्रैल के महीनों में अपने कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह दी । हमने मई में पहले वेतन में कटौती की, उसके बाद बिना वेतन के छुट्टी की। एयरलाइन ने बताया कि, वर्तमान क्षमता के उपयोग को देखते हुए, हमें पायलटों के लिए भुगतान के बिना छुट्टी की घोषणा करनी होगी, जो एक अस्थायी उपाय है। हमारी परिचालन क्षमता में बदलाव के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी।
25 मई को फिर से परिचालन शुरू होने के बाद से एक महीने में कुछ कदम उठाए गए हैं। हालांकि, एयरलाइन अभी भी अपनी क्षमता का 45 प्रतिशत ही काम कर रही है। इंडिगो के सीईओ रणजय दत्ता ने कहा कि, एयरलाइन इस साल लाभ कमाने की संभावना नहीं है, और यहां तक कि वर्ष के अंत तक, अपनी क्षमता का केवल 70 प्रतिशत ही संचालित कर पाएगी।












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