2014 से कितने बदले पेट्रोल, डीजल, एलपीजी के दाम, कहां पहुंची देश की अर्थव्यवस्था
रक्षाबंधन के मौके पर केंद्र सरकार ने एलपीजी के दाम में बड़ी कटौती की है। सरकार की ओर से इसके दाम में 200 रुपए की कटौती की गई है। हालांकि सरकार इसे त्योहार के मौके पर देशवासियों के लिए तोहफा करार दे रही है तो विपक्ष इस फैसले को आगामी चुनाव से जोड़कर देख रहा है।
एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार के फैसले पर पलटवार करते हुए कहा कि 200 रुपए में क्या होता है। हमारी सरकार जब थी तो एलपीजी सिलेंडर के दाम सिर्फ 400 रुपए थे। इस समय सिलेंडर के दाम 1150 रुपए हैं, लिहाजा 200 रुपए कम करने से कुछ नहीं होने वाला। सरकार को 500-700 रुपए दाम कम करने चाहिए थे।

सुले ने इस फैसले को चुनावी जुमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल तक इनको महंगाई को लेकर कुछ नहीं सूझा। यही वजह है कि कर्नाटक के लोगों ने इन्हें खारिज कर दिया था। जिसके बाद केंद्र सरकार डरी हुई है। ऐसे में आइए डालते हैं एक नजर 2014 से 2023 के बीच पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर के दाम में कितना बदलाव हुआ है।
सिलेंडर के दाम
2014 की बात करें तो दिल्ली में घरेलू 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर के दाम 1021 रुपए थे। जबकि नई कटौती के बाद एलीपीजी सिलेंडर के दाम 940.50 रुपए हो गए हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम
वहीं पेट्रोल और डीजल के दाम की बात करें तो 2014 में दिल्ली में पेट्रोल के दाम 72.50 रुपए थे, जबकि डीजल के दाम 54.74 रुपए थे। आज यानि 30 अगस्त 2023 को पेट्रोल और डीजल के दाम की बात करें तो पेट्रोल के दाम 96.72 रुपए हैं जबकि डीजल के दाम 89.62 रुपए प्रति लीटर हैं। कच्चे तेल की कीमतों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत कीमत 93.17 डॉलर थी, जोकि आज 81.43 डॉलर प्रति बैरल है
डॉलर और रुपया
डॉलर और रुपए की बात करें तो 2014 में एक अमेरिकी डॉलर भारत के 60.99 रुपए के बराबर था। वहीं आज एक अमेरिकी डॉलर भारत के 82.73 रुपए के बराबर है।
महंगाई दर
2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई तो उस वक्त देश में खुदरा महंगाई दर 8.33 फीसदी थी। 14 अगस्त को खुदरा महंगाई दर के जो आंकड़े सामने आए उसके अनुसार जुलाई माह में खुदरा महंगाई दर 7.44 फीसदी पहुंच गई।
जीडीपी
2014 में देश की जीडीपी की बात करें तो यह 2.04 लाख करोड़ रुपए थी। जून 2013 में वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी 3.75 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है। भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है।












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