84 साल के रतन टाटा ने पीएम मोदी की मौजूदगी में बताई अपनी अंतिम इच्छा
नई दिल्ली। 84 साल के रतन टाटा आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने अपनी थरथराती आवाज में अपने जीवन के आखिरी साल की इच्छा बताई। मौका था असम के डिब्रंगढ़ में 7 स्टेट ऑफ द कार्ट कैंसर सेंटर्स के उद्घाटन का। सरकार के साथ-साथ इन अस्पतालों के निर्माण में टाटा का अहम योगदान है। ऐसे में इस खास मौके पर प्रधानमंत्री के साथ-साथ टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतम टाटा भी मौजूद थे।

हिंदी नहीं बोल पाने के बावजूद टूटी फूटी हिंदी में बोले दिल की बात
दिग्गज इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा ने आज मंच से अपने दिल की बात कही। उम्र का असर था, वो अकेले माइक तक नहीं पहुंच सकते थे, तो मदद के सहारे वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा, लेकिन संदेश एक ही होगा, जो मेरे दिल से निकला हुआ...हिंदी न बोल सकने के लिए उन्होंने माफी मांगी और अंग्रेजी में अपनी बात कही, लेकिन थोड़ी देर बोलने के बाद वो अपनी टूटी-फूटी हिंदी में ही बोलने लगे। उम्र के असर के कारण आवाज थरथरा रही थी, लेकिन उन्होंने सबके सामने अपनी आखिरी इच्छा बता दी।
बताई क्या है जीवन की आखिरी इच्छा
इस मौके पर रतन टाटा बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैं अपने जिंदगी के आखिरी साल हेल्थ सेक्टर, स्वास्थ्य को समर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि असम को ऐसा राज्य बनाएं जो सबको पहचाने और जिसको सब पहचानें। उन्होंने कहा असम को एक ऐसा राज्य बनाइए जो सबका सम्मान करे और जो सबके लिए सम्मानित हो। उन्होंने कहा कि अब इन सुविधाओं के साथ असम को विश्व स्तरीय कैंसर उपचार करने वाले सक्षम राज्य के तौर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज का दिन असम के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के साथ अब असम कह सकेगा कि भारत का छोटा सा राज्य विश्व स्तरीय कैंसर उपचार सुविधाओं से लैस है। जब रतन टाटा मंच पर बोल रहे थे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत वहां मौजूद हर व्यक्ति उनकी बातों को गौर से सुन रहा था। जिस तरह से टाटा थरथराती आवाज में बोल रहे थे, लोगों के अंदर वो ऊर्जा भरने का काम कर रहा था।
सात कैंसर केयर सेंटर का उद्घाटन
आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में सात कैंसर केयर सेंटर का उद्घाटन किया और सात और केंद्रों की नींव भी रखी। इन कैंसर केयर सेंटर का निर्माण और विकास राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट के संयुक्त उद्यम असम कैंसर केयर फाउंडेशन की मदद से किया जा रहा है। इस मौके पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा मौजूद थे।












Click it and Unblock the Notifications