दूसरा बैंक छोड़िये अब तो अपने बैंक के एटीएम से पैसा निकालने पर भी पड़ेगा चार्ज
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। बस, कुछ दिनों या कहें की हफ्तों के बाद आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम से एक बार में 10 हजार रुपये नहीं निकाल पाएंगे। अगर आप यह करना चाहते हैं तो आपको एक से ज्यादा बार एटीएम का इस्तेमाल करना होगा है। जाहिर है, ऐसे में आपकी दिक्कतें बढ़ेंगी। दूसरे बैंक के एटीएम से मुफ्त निकासी की संख्या में कटौती सिर्फ 6 मेट्रो शहरों- मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में लागू होगी।

दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर के मुताबिक 1 नवंबर के बाद बैंक अपने एटीएम से एक महीने में 5 बार से ज्यादा पैसा निकालने वाले पर अपने हिसाब से चार्ज कर सकेंगे। दूसरे बैंक के एटीएम से हर महीने 4 निकासी फ्री होगी। अपने बैंक के एटीएम से छठे ट्रांजैक्शन से आगे कस्टमर्स को 15 से 20 रुपये तक का एक्स्ट्रा पेमेंट करना पड़ सकता है।
बैंकिंग मामलों के जानकार वी.के.सूरी ने बताया कि बैंकों के लिए एटीएम में पैसा डालना एक खर्च है। अगर कस्टमर मोटी रकम निकालना चाहते हैं तो उनको अपने बैंक के एटीएम से निकालना चाहिए। एक विकल्प यह है कि आप अपने बैंक की ब्रांच में जाएं।
अगर आप किसी ऐसे बैंक का एटीएम यूज करते हैं, जिसके कस्टमर आप नहीं हैं तो बैंक को हर ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये की इंटरचेंज फीस देनी होती है।
क्या कहता है नया सर्कुलर
रिजर्व बैंक के सूत्रों के मुताबिक, कस्टमर अपने लिए तय लिमिट के हिसाब से एक दिन में तय रकम निकाल सकेंगे। डेली निकासी की लिमिट बैंक तय करता है। कभी-कभार जब एटीएम में कैश कम रहता है तो वह निकासी की मात्रा तय कर देता है। कस्टमर एटीएम से हर महीने औसतन 5-8 ट्रांजैक्शन करते हैं। कुछेक तो ऐसे हैं जो 80 से 85 छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करते हैं।
जानकारों ने बताया कि एटीएम की फिक्स्ड और ऑपरेटिंग कॉस्ट होती है। एटीएम लगाने में 50,000 रुपये से 60,000 रुपये का खर्च आता है जो इलाके के हिसाब से बढ़ सकता है। हर ट्रांजैक्शन पर 15 से 20 रुपये की कॉस्ट सही मानी जा सकती है। इससे कस्टमर्स को कार्ड्स और इंटरनेट जैसे वैकल्पिक चैनल यूज करने के लिए बढ़ावा मिलेगा।
वी.के. सूरी मानते हैं कि रिजर्व बैंक के ताजा फरमान से कस्टमर्स की दिक्कतें बढेगी। सरकार को इस तरफ सोचना होगा।












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