किसानों की ऐतिहासिक जीत- लेज चिप्स के आलू की किस्म से पेप्सिको का पेटेंट हटा
पादप किस्मों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण (पीपीवी और एफआर) प्राधिकरण ने पेप्सिको कंपनी के पूरी दुनिया में फेमस लेज चिप्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले FC5 किस्म के आलू से पेटेंट हटा दिया है।
नई दिल्ली, 5 दिसंबर। पादप किस्मों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण (पीपीवी और एफआर) प्राधिकरण ने पेप्सिको कंपनी को तगड़ा झटका दिया है। प्राधिकरण ने कंपनी के पूरी दुनिया में फेमस लेज चिप्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले FC5 किस्म के आलू से पेटेंट हटा दिया है। इसका मतलब है कि फरवरी 2016 में पीवीपी सर्टिफिकेट में आलू की FC5 किस्म पर दिया गया पेप्सिको का बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) वापस ले लिया जाएगा। बता दें कि इस फैसले को उन लाखों भारतीय आलू उत्पादक किसानों की जीत माना जा रहा है जो अभी तक आलू की इस किस्म को उगाने से वंचित थे।

अब कोई भी उगा सकता है यह आलू
दरअसल पेटेंट की वजह से FC5 किस्म के आलू को केवल वही किसान उगा सकते थे, जिन्हें पेप्सिको अनुमति देती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब कोई भी किसान आलू की इस किस्म को उगा सकेगा।
कविता कुरुगंती ने दायर की थी याचिका
पेटेंट को रद्द करने का आवेदन एलायंस फॉर सस्टेनेबल एंड होलिस्टिक एग्रीकल्चर की कार्यकर्ता कविता कुरुगंती ने 11 जून, 2019 को दायर किया था। उन्होंने कहा कि सरकार के नियम सीड वैराइटी पर पेटेंट की अनुमति नहीं देते हैं।
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क्या है इस आलू की खासियत
दरअसल FC5 किस्म के आलू से बना चिप्स काफी अच्छा माना जाता है। लेज चिप्स खाने के बाद आपको इसका अंदाजा हो जाएगा जो इसी आलू से बनाई जाती है। इस आलू में नमी की मात्रा काफी कम होती है, अन्य आलुओं के मुकाबले यह काफी स्वादिष्ट होता है।
कंपनी ने गुजरात के किसानों पर किया था मुकदमा
बता दें कि साल 2019 में कंपनी ने गुजरात के कुछ किसानों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिन्होंने कंपनी की बिना अनुमति के इस आलू की फसल की थी। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद कंपनी ने यह कहते हुए मुकदमा वापस ले लिया था कि वह इस मुद्दे को आपसी बातचीत से हल करना चाहती है।
फैसले का रिव्यू कर रही कंपनी
पेटेंट रद्द हो जाने के बाद न्यूयॉर्क स्थित कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वह प्राधिकरण के आदेश का रिव्यू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेप्सिको ने ही आलू की यह किस्म विकसित की है और साल 2016 में कंपनी ने इसे रजिस्टर करवाया था।












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