Chandrayaan मिशन की सफलता से आप भी कमा सकते हैं पैसा, जानिए कैसे
इसरो ने चंद्रयान-3 को पिछले महीने लॉन्च किया है। चंद्रयान चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया है और जल्द ही यह चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। अगर चंद्रयान ऐसा करने में सफल होता है तो भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा जो इस उपलब्धि को हासिल करेगा। भारत से पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी।
मिशन मून पर ना सिर्फ चंद्रयान बल्कि अन्य कंपनियों की भी निगाह टिकी है। ये वो कंपनियां हैं जिन्होंने चंद्रयान को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में अगर आप चंद्रयान मिशन से मुनाफा हासिल करना चाहते हैं तो आप इन कंपनियों में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

बता दें कि यह किसी भी तरह के निवेश का सुझाव नहीं है, यह महज जानकारी के लिए है, किसी भी कंपनी में निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
लार्सन एंड टूर्बो
एलएंडटी ने ही चंद्रयान के लैंडर के की परिकल्पना को तैयार किया है। एलएंडी इसरो के साथ लंबे समय से काम कर रहा है। कंपनी ने कई मिशन के लिए हार्डवेयर मुहैया कराई है। चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, मंगलयान के लिए भी कंपनी ने हार्डवेयर मुहैया कराने में मदद की थी।
गोदरेज एयरोस्पेस
गोदरेज एयरोस्पेस ने चंद्रयान मिशन के लिए इसरो को ग्राउंड सिस्टम एंटीना, विकास इंजन, थ्रस्टर और कई अहम उपकरण मुहैया कराए हैं। कंपनी ने चंद्रयान 1 के लिए रिमोट सेंसिंग एंटीना मुहैया कराया था।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
इसरो और भेल पिछले दो दशक से साथ मिलकर काम कर रहे हैं। चंद्रयान 3 में कई उच्च गुणवत्ता वाली बैटरियां लगी हैं। इशकी मदद से लैंडर मॉड्यूल और प्रपल्सन मॉड्यूल को ऊर्जा की सप्लाई मिलेगी।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
एयरोस्पेस के क्षेत्र में एचएएल की भूमिका भी काफी अहम है। एचएएल की ओर से नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरीज ने कई कंपपोनेंट इसरो को मुहैया कराए। चंद्रयान 1, चंद्रयान 2, मंगलयान, गंगायान में भी एचएएल ने काफी मदद की थी।
वालचंद्रनगर इंडस्ट्रीज
इस कंपनी ने 1993 से ही स्पेस के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है। के पहले लॉन्च के बाद से कंपनी ने सभी 48 लॉन्च के लिए अहम उपकरणों को मुहैया कराया था। भारत के स्पेस प्रोग्राम में कंपनी ने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है।












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