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लघु उद्योगों पर नोटबंदी के बाद GST से पड़ी दोहरी मार, निर्यात में आई गिरावट: RBI रिपोर्ट

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    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की ताजा रिपोर्ट सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी हैं। अपनी ताजा रिपोर्ट में RBI ने नोटबंदी और जीएसटी से भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को होने वाले नुकसान का जिक्र है। इस रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी से MSME को दिए जाने वाले कर्ज में गिरावट आई तो वहीं GST से उद्योग की पेचीदगियां बढ़ गई, जिसका निर्यात पर असर पड़ा।

     नोटबंदी और जीएसटी से लधु उद्योगों पर पड़ा असर

    नोटबंदी और जीएसटी से लधु उद्योगों पर पड़ा असर

    आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी का MSME पर असर पड़ा है, जहां नोटबंदी लके चलते लघु उद्योगों को कर्ज मिलने में दिक्कतें आई तो वहीं जीएसटी की वजह से अनुपालन की पेचीदगियों बढ़ी जिसका असर निर्यात पर हुआ। आरबीआई की मिनी स्ट्रीट मेमो रिपोर्ट में कहा है कि लघु उद्योगों को वितरित कर्ज 2017 के निचले स्तर से सुधर कर 2015 मध्य के बढ़े स्तर पर पहुंच गया।।

     नोटबंदी और GST से लघु उद्योग का झटका

    नोटबंदी और GST से लघु उद्योग का झटका

    आपको बता दें कि MSME देश के जीडीए में बड़ा रोल निभाता है। भारत के कुल निर्यात में इस सेक्टर का योगदान करीब 40 प्रतिशत है। यह सेक्टर देश में 63 मिलियन यूनिट्स है, जो देश में करीब 111 मिलियन लोगों को जॉब देती है। देश की जीडीपी में इसका योगदान 30% का है। वहीं 45% निर्यात होता है। लेकिन मोदी सरकार के नोट बंदी और जीएसटी के फैसले की वजह से इसे नुकसान हुआ। सिडबी की रिपोर्ट के मुताबिक देश में नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बादएमएसएमई के कर्ज में गिरावट आई, हालांकि मार्च 2018 के बाद से इसमें सुधार हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक एमएसएमई क्षेत्र को बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दिए गए कर्ज सहित सूक्ष्म ऋण में तेजी आनी शुरू हो गई है। इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन के अनुमान के मुताबिक एमएसएमई में अधिक से अधिक पूंजी की संभावित मांग करीब 370 अरब डॉलर है, जबकि वर्तमान में यह 139 अरब डॉलर की है।

     GST का असर

    GST का असर

    इन उद्योगों पर जीएसटी की वजह से परिचालन लागत में वृद्धि हुई, क्योंकि 60 प्रतिशत से अधिक छोटे उद्योग कर दायरे में आ गए। इनमें से 60 प्रतिशत नई कर प्रणाली में समायोजित होने के लिये तैयार नहीं थे। इसी तरह से नोटबंदी ने इनपर असर डाला, हालांकि कर्ज में फरवरी 2017 के बाद सुधार आया और जनवरी-मई 2018 में यह औसतन 8.5 प्रतिशत पर रहा।

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    English summary
    An RBI study has found that the controversial note ban imposed in November 2016 has led to further decline in the already falling credit to the MSME sector, while GST rollout has not made any significant positive impact on overall credit to the sector but has deeply dented their exports.

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