जीपीएफ निकासी के नियम बदले, सिर्फ 15 दिन में मिल जाएगा पैसा
अब केन्द्र सरकार के कर्मचारी सिर्फ 15 दिनों के अंदर ही पैसा पा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए एक शर्त यह जरूर पूरी करनी होगी कि कर्मचारी की 10 साल की सेवा पूरी हो चुकी हो।
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों होली से पहले ही बड़ा तोहफा दिया है। अब केन्द्र सरकार के कर्मचारी सिर्फ 15 दिनों के अंदर ही पैसा पा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए एक शर्त यह जरूर पूरी करनी होगी कि कर्मचारी की 10 साल की सेवा पूरी हो चुकी हो। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो सरकार ने इस शर्त में भी कर्मचारियों को राहत दी है। पहले यह सीमा 15 दिन की थी, जिसे अब घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। सरकार की ओर से दी गई इस राहत से केन्द्र सरकार के सभी कर्मचारियों को फायदा होगा। यहां आपको बताते चलें कि जीपीएफ का फायदा सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही ले सकते हैं।

किस-किस काम के निकाल सकेंगे पैसे?
नए नियमों के अनुसार जीपीएफ का पैसा प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन के लिए निकाला जा सकेगा। इससे पहले यह नियम था कि कोई भी जीपीएफ सब्सक्राइबर सिर्फ हाई स्कूल से ऊपर की शिक्षा के लिए ही पैसे निकाल सकता था। इतना ही नहीं, अब जीपीएफ के सब्सक्राइबर अपने या अपने परिवार के किसी सदस्य की शादी, अंतिम संस्कार या फिर किसी अन्य समारोह के लिए भी पैसे निकाल सकेगा। इसके अलावा, अपनी या अपने परिवार के किसी सदस्य की तबियत खराब होने की स्थिति में भी पैसा निकाला जा सकता है। ये भी पढ़ें- अब पीएफ के पैसे एनपीएस में करें ट्रासंफर, नहीं लगेगा कोई टैक्स
कितना निकाल सकते हैं पैसा?
केन्द्र सरकार द्वारा नियमों में बदलाव के बाद अब 12 महीने तक का वेतन या क्रेडिट अमाउंट का 3 चौथाई हिस्सा, जो भी कम हो वो निकाल सकेंगे। अगर मामला स्वास्थ्य से जुड़ा हो तो आप अपने क्रेडिट अमाउंट का 90 फीसदी पैसा निकाल सकते हैं। सरकार की तरफ से नियमों में बदलाव के बाद अब कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीददारी के लिए भी जीपीएफ का पैसा निकाला जा सकेगा। नियमों में बदलाव करने पर मंत्रालय ने कहा है कि जीपीएफ सब्सक्राइबर्स की चिंताओं को दूर करने के लिए समय-समय पर कुछ बदलाव किए जाते रहे हैं।












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