Gold पर कोरोना का कहर, 9 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा सोना
नई दिल्ली। सोने की कीमत में तेजी का दौरा जारी है। जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं सोने की कीमत में उछाल देखने को मिल रहा है। MCX पर सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब बने हुए हैं। वहीं कॉमेक्स पर सोना 9 साल के उच्चतम सा्तर पर पहुंच गया है। कोरोना संकट काल में सोने की कीमत में रिकॉर्ड कायम किया है और सोना उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। दरअसल सोने में तेजी के साथ इसकी तरफ निवेशकों का भी रुझान बढ़ता जा रहा है।

सोने की कीमत 9 साल के उच्चतम स्तर पर
अगर साल 2020 की पहली छमाही में गोल्ड ETF में निवेश पर नजर डाले तो ये आंकड़े 3.5 हजार करोड़ तक पहुंच गए हैं। निवेशक गोल्ड बॉन्ड और बुलियन में भी निवेश कर रहे हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डाले तो गुरुवार को वैश्विक बाजार में सोना 9 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। गुरुवार को कॉमेक्स पर सोने की कीमत को देखें तो शुरुआत में इसमें 0.1 फीसदी की गिरावट आई और सुबह 9:56 बजे सोना 1,809.62 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, लेकिन इसके बाद से सोने में निवेश बढ़ने लगा और सोने की कीमत 1,817.71 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो सितंबर 2011 के बाद से सबसे अधिकतम स्तर है।

क्यों आ रही है सोने में तेजी
बाजार एक्सपर्ट्स की माने तो सोने की कीमत में तेजी का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों तक ये और जारी रहेगा।जानकारों की माने तो जब तक कोरोना वायरस का वैक्सीन तैयार नहीं हो जाता बाजार में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है और निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश है। वहीं भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बीच निवेशक शेयर के बजाए सोने में सुरक्षित निवेश कर रहे हैं। निवेशकों का रुझान बढ़ने से सोने की कीमत में तेजी आ रही है।

सोने की कीमत में बढ़तोरी क्यों शुभ संकेत नहीं
सोने की कीमत गुरुवार को 1,800 डॉलर प्रति औंस को पार कर गई। ये बढ़ोतरी 9 सालों के सबसे उच्चतम स्तर के करीब रही। दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर बढ़ती चिंता का नतीजा है, जिसके चलते सोने की कीमत में तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,809.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो बुधवार को सोना 1,817.71 डॉलर प्रति औंस रहा था, जो सितंबर 2011 से अब तक सबसे ऊंचा स्तर है। कोरोना के वैश्विक संकट के बीच सोने की कीमत में तेजी शुभ संकेत नहीं है।

इन कारणों से बढ़ रहे हैं सोने के दाम
बैंक ऑफ चाइना इंटरनेशनल के एक्सपर्ट जिओ फू के मुताबिक दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने अपनी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बाजार में नकदी बढ़ाने के उपाय किए हैं। वहीं कोरोना के कारण वैश्विक मंदी की संभावना बनी हुई है। इन सब कारणों का असर सोने की कीमत पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि आगे चलकर सोने में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है। उन्होंने आशंका जताई कि कोरोना संकट खत्म होते ही सोने की कीमत में तेजी थम जाएगी और सपाट गिरावट दर्ज की जा सकती है।

50 हजार को पार कर चुका है सोना
यूएस गोल्ड फ्यूचर की बात करें तो एक दिन पहले के मुकाबले सोना महज 0.3 प्रतिशत घटकर 1,816 डॉलर प्रति औंस बंद हुआ। वहीं भारतीय सर्राफा बाजार की कीमतों पर नजर डाले तो कई सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 50,000 के आंकड़े को पार कर चुकी है।












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