खुशखबरी! पांचवें दिन लगातार सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी भारी गिरावट, जानिए आज का भाव

नई दिल्ली। भारतीय बाजार में सोने के भाव में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई है। मंगलवार की सुबह MCX एक्सचेंज पर फरवरी का सोना वायदा 0.03 फीसदी गिरकर 37,570 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले पांचवे दिनों में सोने की कीमतों में कुल 750 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन महीने में गोल्ड की कीमतों में 2,450 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। बता दें कि, सितंबर में सोने का भाव 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो अब गिरकर 38,840.00 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं, चांदी के भाव में भी भारी गिरावट देखने को मिली है, MCX एक्सचेंज पर पर 0.09 % की गिरावट के साथ चांदी 43,465 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।

वैश्विक बाजार में भी सस्ता हुआ सोना

वैश्विक बाजार में भी सस्ता हुआ सोना

बता दें कि वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमतों में आज 1,460.95 डॉलर प्रति औंस तक की गिरावट दर्ज की गई। चीनी आयात पर अमेरिकी टैरिफ के अगले दौर के लिए 15 दिसंबर की समय सीमा से पहले निवेशकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। सोने की कीमतों में गिरावट की वजह अमेरिका और चीन के बीच चल रहा ट्रेड वार भी बताया जा रहा है। जिसके चलते गोल्ड में निवेश करने वाले लोग डर रहे हैं, वहीं बीजिंग को उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में नए अमेरिकी टैरिफ के कारण वाशिंगटन के साथ जल्द से जल्द एक व्यापार सौदा करने की उम्मीद है।

अभिषेक बंसल ने दी ये जानकारी

अभिषेक बंसल ने दी ये जानकारी

एबी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन अभिषेक बंसल ने कहा कि व्यापार वार्ता पर आशावाद सोने की कीमतों पर दबाव डाल रहा है, जबकि कीमती धातु पर अधिक रुपया भी तौल रहा है। दूसरी तरफ सोना व्यापारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर भी नजर रख रहे हुए हैं जो मंगलवार को अपनी दो दिवसीय नीति बैठक को समाप्त कर रहा है। इसके अलावा व्यारियों की नजर गुरुवार को होने वाले यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्दे के नेतृत्व में पहली नीतिगत बैठक पर भी होगी।

धातु की कीमतों में आया उछाल

धातु की कीमतों में आया उछाल

सोने के हालिया सुधार के बावजूद वैश्विक बाजारों में इस साल अब तक धातु की कीमती 14% ऊपर है, ट्रेड वार के चलते दुनिया भर की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आसान मौद्रिक नीति और निरंतर केंद्रीय-बैंक खरीद पर असर पड़ा है। वैश्विक औसत के मुकाबले भारत में इस वर्ष कीमतें 19% अधिक दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्यह्रास और आयात शुल्क में वृद्धि बताई जा रही है।

जियो पॉलिटिकल और इकोनॉमिक रिस्क की संभावना

जियो पॉलिटिकल और इकोनॉमिक रिस्क की संभावना

गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक और यूबीएस ग्रुप एजी के साथ कई जानकारों का कहना है कि आखिरी बार कीमतें 2013 में 1,600 डॉलर प्रति औंस की बढ़त देखी गई थी जो 2020 में देखने को नहीं मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2020 में जियो पॉलिटिकल और इकोनॉमिक रिस्क की संभावना है, क्योंकि इस साल उन्होंने सोने का समर्थन किया है।

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