Black Day for Gold: वित्त मंत्री के फैसले ने कैसे डूबो दिए ₹10 लाख करोड़? यहां समझें पूरा खेला
Black Day for Gold: 2024-25 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटाने के ऐलान ने 'गोल्ड इतिहास' को बड़ा सदमा दिया है। जिसके कारण एक दिन में 10.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति स्वाहा हो गई।
सीतारमण के इस कदम का उद्देश्य सोने के आयात को प्रोत्साहित करना और घरेलू बाजार में सोने की उपलब्धता बढ़ाना था। हालांकि, इस घोषणा के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों को काफी नुकसान हुआ।

यह गिरावट बाजार के अनिश्चितता के कारण हुई, क्योंकि निवेशकों ने सोने की कीमतों में अचानक गिरावट की उम्मीद नहीं की थी। कई निवेशक जिन्होंने सोने में निवेश किया था, उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय दीर्घकालिक दृष्टिकोण से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे सोने का आयात बढ़ेगा और अवैध तस्करी पर रोक लगेगी। लेकिन, अल्पकालिक प्रभावों ने निवेशकों के लिए चिंता बढ़ा दी है।
एक दिन में कैसे आ गई गिरावट?
2024 साल की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। करीब 14.7 प्रतिशत तक गोल्ड पहुंच गया। सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन हुआ और करीब 11 प्रतिशत बढ़ गया। हालांकि, बजट के दौरान वित्त मंत्री ने सोने और चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने और कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की घोषणा की। इससे, सोने पर कुल टैक्स प्रभावी रूप से लगभग 18.5 प्रतिशत (जीएसटी सहित) से घटकर अब 9 प्रतिशत हो गया।
गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटाने से किसे फायदा?
- उपभोक्ता: गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटने से सोने की कीमतें घरेलू बाजार में कम हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को सोने की खरीदारी सस्ती पड़ेगी। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो शादी या अन्य समारोहों के लिए सोना खरीदना चाहते हैं।
- ज्वेलर्स और आभूषण निर्माता: आभूषण निर्माताओं को सोने का आयात सस्ता पड़ने से उनकी उत्पादन लागत कम हो सकती है। इससे उन्हें अपने उत्पादों की कीमतें कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे उनकी बिक्री बढ़ने की संभावना है।
- सोने का आयात: आयातक कंपनियों को भी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें अब सोने का आयात सस्ता पड़ेगा, जिससे उनकी आयात मात्रा बढ़ सकती है और व्यापार में वृद्धि हो सकती है।
- अवैध तस्करी पर रोक: कस्टम ड्यूटी घटाने से सोने की अवैध तस्करी कम हो सकती है, क्योंकि कानूनी तरीके से सोना आयात करना अब सस्ता और आसान हो जाएगा।
गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटाने से किसे नुकसान?
- घरेलू सोने के उत्पादक: भारत में कुछ हद तक सोने का उत्पादन होता है। घरेलू उत्पादकों को कस्टम ड्यूटी घटने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की चिंता हो सकती है, क्योंकि आयातित सोना सस्ता हो जाएगा।
- निवेशक: जिन निवेशकों ने ऊंची कीमत पर सोना खरीदा है, उन्हें कस्टम ड्यूटी घटने से सोने की कीमतें गिरने पर नुकसान हो सकता है। उनके निवेश का मूल्य कम हो सकता है।
- सरकारी राजस्व: कस्टम ड्यूटी कम करने से सरकार का राजस्व कम हो सकता है, क्योंकि आयात पर मिलने वाली शुल्क की राशि घट जाएगी। हालांकि, इसका दीर्घकालिक प्रभाव इस पर निर्भर करेगा कि इससे सोने के व्यापार में कितना बढ़ावा मिलता है।
- बाजार में अनिश्चितता: कस्टम ड्यूटी घटाने के कारण शुरुआती दौर में बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है, जिससे सोने की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। यह निवेशकों और व्यापारियों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।












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