होली से पहले सरकार ने दिया झटका, PF पर 45 साल में सबसे कम ब्याज, जानिए नौकरीपेशा को कितने का नुकसान
होली से पहले सरकार ने दिया झटका, PF पर 45 साल में सबसे कम ब्याज, जानिए नौकरीपेशा को कितने का नुकसान
नई दिल्ली, 13 मार्च। नौकरीपेशा लोगों को सरकार ने होली से पहले जोर का झटका दिया है। होली से पहले सरकार ने भविष्य निधि की ब्याज दर में बड़ी गिरावट कर दी है। सरकार ने 6 करोड़ लोगों को अपने इस फैसले से झटका दिया है। सरकार की एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने पीएफ की ब्याज दरों में कटौती कर इसे 45 सालों में सबसे कम पर ला दिया है। सरकार के इस फैसले से आपकी सेविंग पर असर पड़ेगा।

पीएफ की ब्याज दर में कटौती
सरकार ने पीएफ की ब्याज दरों में कटौती कर होली से पहले कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर में कटौती की घोषणा की गई है। सरकार के इस फैसले के बाद अब पीएफ अकाउंट में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर 8.5 फीसदी से गिरकर 8.1% पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि ईपीएफओ सालाना आधार पर ईपीएफ की ब्याज दर तय करता है।

45 सालों में सबसे कम ब्याज
आपको बता दें कि पीएफ की ब्याज दर में की कई इस कटौती के बाद ईपीएफ की ब्याज दर 45 साल में सबसे कम पर पहुंच गई है। इससे पहले साल 1977-78 में ईपीएफओ ने 8% का ब्याज दिया था। इसके बाद से नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ की ब्याज दर 8.25 फीसदी से कभी नीचे नहीं आई है। आपको बता दें कि नौकरीपेशा लोगों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता को जोड़कर उस रकम के 12 फीसदी हिस्से को ईपीएफओ में जमा करना होता है। यानी आपकी बेसिक सैलरी और डीए की कुल रकम का 12फीसदी हिस्सा PF में जमा करना होता है।

कितना होगा नुकसान
PF में जितना आपकी सैलरी से अंशदान किया जाता है उतना ही अंशदान कंपनी भी आपके पीएफ के लिए देती है। इस अंशदान पर ईपीएफओ द्वारा तय किए दर से ब्याज मिलता है। अब अगर पीएफ कैलकुलेशन को समझे तो ब्याज दरों में आई गिरावट का आपको क्या नुकसान होगा ये हम आपको समझाते हैं। मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी और डीए मिलाकर रकम 15000 रुपए होती है, जिसमें पर अब आपको 8.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। आपकी सैलरी के मुताबिक इसकी गणना करें तो PF के लिए हर महीने ईपीएफ में 2350 रुपए आपके जमा होंगे, जिसमें आपका अंशदान और कंपनी का अंशदान शामिल है। 8.1 फीसदी की दर से आपको हर महीने 0.675% मिलेगा, जबकि 8.5% के हिसाब से 0.7083% मिलता था। अब अगर राशि में देखें तो 8.1 फीसदी की दर से हर महीने 31.72 रुपए होगा जो 8.5 फीसदी की दर से पहले 33.29 रुपए पर था।
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