ED का बड़ा दावा, सुपरटेक के प्रमोटर्स ने 600 करोड़ का किया फर्जीवाड़ा
सुपरटेक के प्रमोटर को ईडी ने करोड़ो रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी का कहना है कि होम बायर्स के पैसों को दूसरी प्रॉपर्टी खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सुपरटेक ग्रुप , चेयरमैन राम किशोर अरोड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। राम किशोर पर सैकड़ो करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
ईडी का कहना है कि घर खरीदने वाले लोगों से और बैंक से लिया गया 638 करोड़ रुपए का इस्तेमाल गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खऱीदने में किया गया नाकि लंबित प्रोजेक्ट को पूरा करने में इस्तेमाल किया गया।

बता दें कि राम किशोर अरोड़ा को ईडी ने दिल्ली कोर्ट में बुधवार को पेश किया, जहां कोर्ट ने किशोर को 14दिन की हिरासत में भेज दिया है। अरोड़ा को मंगलवार को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने 10 जुलाई तक के लिए अरोड़ा को ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
ईडी ने अपने रिमांड नोट में कहा है कि इस पूरे मामले में कुल 638.93 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है, इस पैसे को सुपरटेक ग्रुप और इसके प्रमोटर्स ने कम दाम में प्रॉपर्टी को खरीदने में इस्तेमाल किया। यह पैसा घर खरीदने वाले लोगों से एडवांस के तौर पर लिया गया था।
ईडी ने बताया कि 444 करोड़ रुपए एडवांस के तौर पर ग्राहकों और बैंक से लिया गया था। इसका इस्तेमाल सुपरटेक कंपनी ने सर्व रिएल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को खरीदने में किया जाना था सर्व को 27.5 एकड़ की जमीन एक नए प्रोजेक्ट को लॉन्च करने के लिए खरीदना था।
लेकिन 154 करोड़ रुपए सुपरटेक ने दूसरी कंनपी एएसपी सरीन को दे दिए, जिसे ईडी ने फर्जी कंपनी बताया है, क्योंकि इस कंपनी का कोई टर्नओवर नहीं है और ना ही कोई इंकम है। इसके अलावा सुपरटेक ने 39 करोड़ रुपए पलाश बिल्डिंग सॉल्यूशन को दिए, जिसे दिल्ली में जमीन खरीदने के उद्देश्य से दिया गया था।
ईडी ने आरोप लगाया है कि अरोड़ा इस फंड को डायवर्ट करने के फैसले में शामिल थे। हालांकि शुरुआती पूछताछ में उन्होंने इससे इनकार किया था। लेकिन बैंक के स्टेटमेंट दिखाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि यह पैसा निवेशकों का था, जिसे एडवांस के तौर पर दिया गया था।












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