तय लक्ष्य से 82000 करोड़ कम इनकम टैक्स जुटा पाई सरकार
नई दिल्ली। पिछले दिनों सरकार ने दावा किया कि साल 2018-19 में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 19 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार के दावे की पोल उस व क्त खुल गई जब आज ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि सरकार प्रत्यक्ष कर जुटाने में तय लक्ष्य से 82000 करोड़ रुपये पीछे रह गई है।

बीते वित्त वर्ष में कुल 11.18 लाख करोड़ टैक्स सरकार जुटा पाई जबकि लक्ष्य 12 लाख करोड़ का तय किया गया था। हालांकि सरकार का दावा है कि ये टैक्स पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 13.4 प्रतिशत ज्यादा है पर लक्ष्य 18 प्रतिशत ज्यादा जुटाने का था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएनआई को जानकारी दी कि लक्ष्य पाने में गिरावट की मुख्य वजह अनुमानित कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में कमी है।
कुछ क्षेत्रों में तो टैक्स उम्मीद से बहुत कम जुटाया जा सका जोकि पिछले वर्ष के मुकाबले कम रहा। उन्होंने ये भी कहा कि भले ही माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज सेक्टर ने अच्छी कमाई की है इसके बावजूद टैक्स कलेक्शन में निगेटिव रिजल्ट सामने आया।
आपको बता दें कि फरवरी में सरकार द्वारा पेश अंतरिम बजट में प्रत्यक्ष कर वसूली के अनुमान को संशोधित किया गया था। यही नहीं जीएसटी संग्रह के अनुमान को भी संशोधित कर 7.44 लाख करोड़ से कम करके 6.44 लाख करोड़ रुपए किया गया था। प्रत्यक्ष कर संग्रह के अलावा अप्रत्यक्ष कर में जीएसटी कलेक्शन के भी संशोधित लक्ष्य से कम रहने का अनुमान है। इसकी वजह है कि 2018-19 में जीएसटी परिषद ने कई वस्तुओं पर जीएसटी दर को घटाया है।












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