डीजल वाहनों पर बैन से 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 2000 सीसी या इससे अधिक इंजन क्षमता वाली डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंधन लगा दिया था। इस प्रतिबंदंध के चलते ऑटो इंडस्ट्री को पिछले 8 महीने में करीब 4000 करोड़ का नुकसान हुआ है। वाहन उद्योग में भारी गिरावट आई है।

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वाहन उद्योग को हो रहे इस नुकासन से उद्योग जगत चिंता में हैं। जानकारों की मानें तो ऑटोमोबाईल इंडस्ट्री 3 करोड़ लोगों के लिए रोजगार पैदा करती है। वहीं जीडीपी में इसकी 50 फीसदी की हिस्सेदारी है, लेकिन ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के लिए इस उद्योग को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

वाहन उद्योग को हो रहे इस नुकसान से नाराज उद्योगपतियों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई। उनके मुताबिक सिर्फ 20 प्रतिशत प्रदूषण वाहन उद्योग की वजह से होता है। 200 सीसी के वाहनों पर रोक लगाने से प्रदूषण कम नहीं होगा। जानकारों की मानें तो अगर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम करना है तो सरकार कतो पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाना होगा।

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English summary
The auto industry suffered a loss of Rs 4,000 crore in 8 months following the ban on sale of diesel vehicles in engine capacity of 2,000cc and above in Delhi/NCR.
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