World Bank: 2021 तक गरीबी रेखा से नीचे चले जाएंगे 15 करोड़ लोग, इंडिया को लेकर कही बड़ी बात
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से केवल विकासशील देश ही नहीं बल्कि विकसीत देश भी परेशान हैं, विश्व बैंक ने बुधवार को कहा कि महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020-21 में 9.6 फीसदी रह सकती है। बैंक के मुताबिक यह साल 1980 के आर्थिक संकट की तुलना में कहीं अधिक गंभीर स्थिति में है, जबकि 1991 ऐसा साल रहा था, जब कई परिवर्तनों की शुरुआत हुई थी, बैंक ने कहा है कि कोरोना के कारण दुनियाभर में बेरोजगारी बढ़ी है तो वहीं दो दिन पहले एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में नौ प्रतिशत की गिरावट की बात कही थी।
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विश्व बैंक ने आगाह किया है कि कोरोना के कारण पूरे विश्व में आर्थिक संकट गहरा गया है, उसने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि साल 2021 तक कोरोना के कारण कम से कम 15 करोड़ लोग अत्यधिक गरीब की श्रेणी में चले जाएंगे और दक्षिण एशिया अपनी सबसे खराब मंदी का सामना करने के लिए तैयार रहे। अर्थव्यवस्था में यह सिकुड़न 7.7 फीसदी तक रहने की आशंका है।
लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव छोड़ा
आपको बता दें कि कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव छोड़ा है, इससे पहले भी विश्व बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री कारमेन रेनहार्ट ने कहा था कि अगर सभी देश लॉकडाउन के प्रवाधानों को अब हटा भी लेते हैं, तो पहले जैसी स्थिति आने में करीब पांच साल तक का वक्त लग सकता है।,उनके मुताबिक इस मंदी का प्रभाव अमीर देशों के गरीबों पर ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि वहां पर असमानताएं बढ़ जाएंगी।
कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान
मालूम हो कि कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। जहां सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 23.9 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट आई है। दक्षिण एशिया क्षेत्र के विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हैंस टिमर ने ने इस बारे में कहा कि भारत में स्थिति पहले से कहीं ज्यादा खराब है, टिमर ने आगे कहा कि भारत को सबसे ज्यादा परेशानी इस वजह से हो रही है क्योंकि शुरुआत में लगाया गया लॉकडाउन बहुत सख्त था, इसके कारण तिमाही ग्रोथ माइनस 25 फीसदी देखने को मिली।
जीएसटी परिषद की फिर 12 अक्टूबर को बैठक होगी
जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कोविड-19 महमारी की रोकथाम के लिये लगाए गए 'लॉकडाउन' के बाद देश की अर्थव्यवस्था में पुनरूद्धार साफ दिख रहा है और जो संकेत हैं, वे काफी सकारात्मक हैं। जीएसटी क्षतिपूर्ति के मामले में वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद की फिर 12 अक्टूबर को बैठक होगी। हमने सभी राज्यों के साथ पिछली बैठक में सात घंटे तक चर्चा की, हम फिर बैठक करने वाले हैं।












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