ऑनलाइन गेमिंग से 6 महीने में मिला 600 करोड़ रुपए का टैक्स, सीबीडीटी ने बताया पूरा कलेक्शन
नई टीडीएस व्यवस्था लागू होने के बाद ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टो कारोबार से टीडीएस के रूप में सरकार ने करीब 700 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से 600 करोड़ रुपए और क्रिप्टोकरेंसी से 105 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं।

नितिन गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने पहले छह महीनों में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से 600 करोड़ रुपए जुटाए हैं। सीबीडीटी अध्यक्ष ने कहा कि पहले एक नियम था, लेकिन यह विविध व्याख्याओं के अधीन था और अब नियमों को सरल बना दिया गया है, इससे खिलाड़ियों और कंपनियों दोनों के लिए बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा।
बता दें कि 1 अप्रैल से ऑनलाइन गेम कंपनियों को ऑनलाइन गेम में 100 रुपए से अधिक की जीत पर टीडीएस काटना होगा। यह प्रावधान तब पेश किया गया था, जब आयकर विभाग को पता चला कि बड़ी संख्या में कंपनियां ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से जीत पर कोई टैक्स नहीं दे रही हैं।
केंद्र ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की नई शुरू की गई धारा 194बीए के तहत जीत की राशि का 30% टीडीएस काटना अनिवार्य कर दिया है।
पिछले वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष 2022-23) तक, यदि किसी वित्तीय वर्ष में जीत की राशि 10,000 रुपए से अधिक हो तो ऑनलाइन गेम से जीत पर टीडीएस लागू होता था।
वित्त अधिनियम 2023 ने एक अप्रैल, 2023 से आयकर अधिनियम, 1961 में एक नई धारा 194बीए शामिल की। इसके तहत ऑनलाइन गेमिंग मंचों को किसी व्यक्ति द्वारा शुद्ध रूप से जीती गई राशि पर TDS काटना जरूरी है। व्यक्ति के धन निकालने पर या वित्त वर्ष के अंत में कर कटौती जरूरी है। इसी तरह एक अप्रैल, 2022 से वर्चुअल डिजिटल संपत्ति या क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर लागू है।
यदि किसी उपयोगकर्ता के पास एकाधिक उपयोगकर्ता खाते हैं, तो शुद्ध जीत की गणना के लिए प्रत्येक उपयोगकर्ता खाते पर विचार किया जाता है। जमा, निकासी या शेष राशि सभी उपयोगकर्ता खातों के समग्र आधार पर होगी। सरकार ने पिछले बजट में क्रिप्टो लेनदेन पर टीडीएस काटने का प्रावधान पेश किया था।












Click it and Unblock the Notifications