Budget 2026 Gold Price: बजट के बाद सस्ता होगा सोना या और महंगा? गहने खरीदने से पहले ये अपडेट जरूर जान लीजिए
Budget 2026 Gold Price Impact: सोना भारत में सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और सामाजिक रुतबे का प्रतीक माना जाता है। लेकिन जब 10 ग्राम सोने की कीमत 1.6 लाख रुपये के आसपास पहुंच जाए, तो यह आम आदमी के बजट को हिला कर रख देता है। फिलहाल हालात कुछ ऐसे ही हैं।
सोना और चांदी दोनों ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं और ऐसे समय में हर नजर 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026-27 पर टिकी है। सवाल एक ही है - क्या बजट के बाद सोना सस्ता होगा या महंगाई और बढ़ेगी। खासतौर पर वे लोग ज्यादा चिंतित हैं, जिनके घर में शादी-ब्याह है और गहने खरीदने की प्लानिंग चल रही है।

क्यों आसमान छू रहे हैं सोने-चांदी के दाम? (Why Gold and Silver Prices Are Rising)
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि सोने और चांदी की कीमतें इतनी तेज क्यों भाग रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 डॉलर के करीब और चांदी 100 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ चुकी है। वैश्विक तनाव, डॉलर में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी ने इन कीमती धातुओं को और चमका दिया है। इसके अलावा ग्रीनलैंड से जुड़े भू-राजनीतिक विवाद ने सप्लाई चेन और बाजार के भरोसे को प्रभावित किया है। नतीजा यह हुआ कि घरेलू बाजार में भी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं और खरीदार परेशान हैं।
महंगाई से दबा आम ग्राहक, इंडस्ट्री ने बजट से क्या मांगा? (Industry Expectations from Budget 2026)
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की खरीदने की ताकत को कमजोर कर दिया है। ज्वेलरी इंडस्ट्री से जुड़े लोग मानते हैं कि सरकार को इस बार बजट में घरेलू खपत बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए। कई कारोबारी चाहते हैं कि सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को और तार्किक बनाया जाए। उनका कहना है कि अगर टैक्स और ड्यूटी में थोड़ी राहत मिलती है, तो इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। मांग बढ़ेगी, रिटेल सेक्टर में रौनक आएगी और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।
बजट के बाद सोना सस्ता होगा या नहीं? क्या बोले एक्सपर्ट?
Vibhavangal Anukulakara Pvt. Ltd. के Founder & Managing Director सिद्धार्थ मौर्य ने वनइंडिया हिंदी से कहा, बजट के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल कम दिख रही है। उन्होंने समझाया कि दुनिया भर में जारी आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और डॉलर-रुपया के उतार-चढ़ाव जैसे फैक्टर सोने की कीमतों को सहारा दे रहे हैं। अगर बजट में सरकार आयात शुल्क या टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बड़ी राहत नहीं देती है, तो सोने के दाम मौजूदा स्तर के आसपास ही बने रह सकते हैं।
चांदी को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर औद्योगिक मांग का असर ज्यादा होता है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर से मजबूत मांग के चलते चांदी की कीमतों में बजट के बाद भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इसमें भी बड़ी गिरावट की बजाय कीमतों में मजबूती बने रहने की संभावना ज्यादा है।
कस्टम ड्यूटी पर फिर मंथन, क्या मिलेगा सस्ता सोना? (Customs Duty Debate)
सरकार ने जुलाई 2024 में सोने पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी थी। इससे तस्करी पर कुछ हद तक लगाम लगी और कीमतों में भी थोड़ी नरमी दिखी। लेकिन अब जब दाम फिर से ऊंचाई पर हैं, तो तस्करी दोबारा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऊंची कीमतों के चलते तस्करों का मुनाफा बढ़ गया है। इसी वजह से कुछ उद्योग संगठन इंपोर्ट ड्यूटी को 3 फीसदी तक लाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों की राय है कि अगर वैश्विक कीमतें काबू में नहीं आईं, तो ड्यूटी कट का असर ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा।
क्या बजट से कीमतों में सच में राहत मिलेगी? (Will Budget 2026 Reduce Gold Prices)
विश्लेषकों का मानना है कि बजट 2026 में बड़े पैमाने पर ड्यूटी कट की संभावना कम है। सरकार को करंट अकाउंट डेफिसिट और राजस्व संतुलन का भी ध्यान रखना होगा। पहले हुए अनुभव बताते हैं कि ड्यूटी घटने से कुछ समय के लिए कीमतों में गिरावट आती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी रहने पर घरेलू दाम फिर ऊपर चले जाते हैं। यानी बजट से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय तक सस्ते सोने की उम्मीद करना मुश्किल है।
SGB स्कीम की वापसी पर उम्मीदें (Sovereign Gold Bond Scheme)
सोने में निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी SGB स्कीम रही है। इसमें निवेशकों को 2.5 फीसदी ब्याज के साथ टैक्स बेनिफिट भी मिलता था। साल 2024 में यह स्कीम बंद कर दी गई थी, लेकिन अब एक्सपर्ट्स इसे फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे लोगों को फिजिकल गोल्ड खरीदने की जरूरत कम होगी और सरकार को भी फायदा होगा।
ज्वेलरी पर GST घटेगा या नहीं? (GST on Gold Jewellery)
जब ग्राहक ज्वेलरी खरीदता है, तो उसे सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और 3 फीसदी GST भी चुकाना पड़ता है। जेम एंड ज्वेलरी संगठनों ने सरकार से GST को 1.25 या 1.5 फीसदी तक घटाने की मांग की है। उनका तर्क है कि टैक्स कम होने से ज्वेलरी सस्ती होगी, मध्यम वर्ग और ग्रामीण इलाकों में खरीदारी बढ़ेगी और छोटे कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
गहने खरीदने वालों के लिए क्या है सही रणनीति? (Gold Buying Tips Before Budget)
अगर आप शादी या किसी खास मौके के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पूरी रकम एक साथ खर्च न करें। थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करें और बजट के बाद के ट्रेंड पर नजर रखें। अगर SGB या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प दोबारा मजबूत होते हैं, तो निवेश के लिहाज से वे ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
कुल मिलाकर बजट 2026 से सोने की कीमतों में चमत्कारी गिरावट की उम्मीद करना शायद सही नहीं होगा। हां, सरकार अगर ड्यूटी, GST या निवेश स्कीमों पर कुछ राहत देती है, तो आम लोगों को थोड़ी सांस जरूर मिल सकती है। ऐसे में गहना खरीदने या निवेश करने से पहले बजट के एलानों को ध्यान से देखना और समझदारी से फैसला लेना ही सबसे बेहतर रास्ता होगा।
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