बातें बजट की: Budget 2022 में मिल सकता है ये तोहफा, घटेगी प्रीमियम, सस्ता होगा हेल्थ इंश्योरेंस

Budget 2022 में मिल सकता है ये तोहफा, घटेगी प्रीमियम, सस्ता होगा हेल्थ इंश्योरेंस

नई दिल्ली, 21 जनवरी। 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश होना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्तीय वर्ण 2022-23 का बजट पेश करेगी। कोरोना महामारी की मार झेल रही अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इस आम बजट में कई घोषणाएं होने की उम्मीद है। वहीं पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि ये बजट लोकलुभावने हो सकते हैं। हालांकि बजट कैसा होगा ये तो 1 फरवरी को ही पता चलेगा, लेकिन उससे पहले इंश्योरेंस सेक्टर ने सरकार से कई उम्मीदें लगा रही है। इंश्योरेंस सेक्टर को उम्मीद है कि साल 2022-23 के बजट में सरकार उन्हें तोहफा देगी, जो न केवल इस सेक्टर को बढ़ावा देने में मददगार होगा, बल्कि लोगों को भी इंश्योरेंस के लिए जागरूक करेगा।

 इंश्योरेंस सेक्टर की उम्मीदें

इंश्योरेंस सेक्टर की उम्मीदें

कोरोना संक्रमण के बीच अगले महीने पेश होने वाले बजट 2022 से न केवल आम जनता को बल्कि उद्योग जगत को भी काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि मुश्किल हालात को देखते हुए सरकार इस बजट में कई राहत दे सकती है। इंश्योरेंस कंपनियों हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर कई घोषणाओं की उम्मीद लगाए बैठी है। वहीं एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि सरकार ने सरकार इस सेक्टर में संभावनाओं के देखते हुए घोषणाएं कर सकती है।

 GST घटाने की मांग

GST घटाने की मांग

इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े लोगों की मांग है कि महंगा होने की वजह से लोग हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के फैसले को टाल देते हैं। सरकार को इस बजट में इंश्योरेंस प्रीमियम को सस्ता करने के लिए जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने पर विचार करना चाहिए। अगर सरकार इंश्योरेंस पर जीएसटी घटाती है तो लोगों के लिए इंश्योरेंस लेना सस्ता हो जाएगा। सस्ता होने पर अधिक लोग बीमा लेने के लिए आकर्षित होंगे।

 अलग से टैक्स छूट की मांग

अलग से टैक्स छूट की मांग

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के फैसले में कवरेज से ज्यादा प्रीमियम की अहम भूमिका होती है, ऐसे में जीएसटी की वजह से ये महंगा हो जाता है, जिसके कारण लोग हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने का फैसला टाल लेते हैं। इंश्योरेंस सेक्टर की मांग है कि सरकार बजट में प्रीमियम सस्ता करने के लिए इस पर लगने वाले जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी या शून्य कर दें। वहीं लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां जीवन बीमा प्रीमियम पर इनकम टैक्स में अलग से टैक्स छूट चाहती हैं, आपको बता दें कि वर्तमान में इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन 80सी के तहत पीपीएफ, ट्यूशन फीस, होम लोन जैसे सेविंग जैसे टैक्स छूट के बाद इंश्योरेंस के लिए कोई स्कोप नहीं बच पाती है।

Union Budget 2022: इंश्योरेंस सेक्टर को बजट से उम्मीदें, अलग से छूट की मांग

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